कौन हैं HR निदा खान, जिसपर TCS धर्मांतरण रैकेट में शामिल होने का लगा है आरोप? जानें इस घटना की पूरी टाइमलाइन

Nashik TCS BPO Nida Khan: नासिक स्थित TCS के एक बीपीओ ऑफिस में कुछ समय से सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर एक ऐसी घटना चल रही थी, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया.

Maharashtra nasik HR executive Nida Khan, accused of involvement in the TCS conversion racket full timeline
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Nashik TCS BPO Nida Khan: नासिक स्थित TCS के एक बीपीओ ऑफिस में कुछ समय से सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर एक ऐसी घटना चल रही थी, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया. एक महीना तक पुलिसकर्मियों ने हाउसकीपिंग स्टाफ बनकर वहां काम किया, और जब सच सामने आया, तो 9 एफआईआर दर्ज की गईं, कई लोग गिरफ्तार हुए और सबसे बड़े सवालों के घेरे में एचआर मैनेजर निदा खान आ गईं.

जांच की शुरुआत कैसे हुई?

यह मामला फरवरी 2026 में सामने आया, जब एक युवती के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी के व्यवहार में अचानक बदलाव आ गया था. पुलिस को शक हुआ कि यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं हो सकता, बल्कि शायद कार्यस्थल से जुड़ा हो. इसके बाद पुलिस ने एक गुप्त योजना बनाई, जिसमें पुलिसकर्मियों को हाउसकीपिंग स्टाफ बना कर बीपीओ यूनिट में भेजा गया.

इन पुलिसकर्मियों ने ऑफिस की रोजमर्रा की गतिविधियों को देखा और कर्मचारियों के व्यवहार का अध्ययन किया. धीरे-धीरे, जो जानकारी सामने आई, उससे पता चला कि यह मामला बहुत बड़ा था.

एचआर मैनेजर निदा खान पर आरोप

जांच के दौरान यह सामने आया कि कई महिलाएं लंबे समय से ऑफिस में परेशान थीं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी. यह बात एचआर मैनेजर निदा खान के खिलाफ सवाल उठाने का कारण बनी. 

उनका काम था कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीरता से लेना और समाधान ढूंढना, लेकिन आरोप है कि उन्होंने कई बार शिकायतों को नजरअंदाज किया और कुछ मामलों में तो महिलाओं को चुप रहने के लिए भी कहा. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या निदा खान ने जानबूझकर आरोपियों को बचाने में मदद की.

खुलासा होता गया

मार्च में पहली एफआईआर दानिश शेख के खिलाफ दर्ज की गई, जिसमें उस पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाया गया. इसके बाद, जांच में और भी महिलाएं सामने आईं और उन्होंने गंभीर आरोप लगाए. कुल मिलाकर 26 मार्च से 3 अप्रैल तक 9 एफआईआर दर्ज हुईं, जिसमें दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न, पीछा करना और धार्मिक दबाव जैसे आरोप शामिल थे.

पुलिस को 78 ईमेल्स, चैट रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स मिलीं, जिनसे यह साबित हुआ कि शिकायतें एचआर तक पहुंच रही थीं. निदा खान की कॉल डिटेल्स से भी आरोपियों के साथ कई बार बातचीत सामने आई. अब पुलिस उनके बैंक खातों की भी जांच कर रही है, ताकि कोई वित्तीय लेन-देन सामने आ सके.

गिरफ्तारी और जांच

अब तक इस मामले में 7 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें निदा खान भी शामिल हैं. पुलिस लगातार उनसे पूछताछ कर रही है और यह भी जांच रही है कि क्या यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ है. हालांकि, अभी तक किसी संगठित साजिश का कोई सबूत नहीं मिला है. इस घटना ने कार्यस्थल की सुरक्षा और नियमों के पालन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

TCS की प्रतिक्रिया

टीसीएस ने इस मामले में सभी आरोपित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और कहा है कि वह इस मामले में "जीरो टॉलरेंस" नीति अपनाएगी. वहीं, बचाव पक्ष का कहना है कि आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और सामान्य बातचीत को गलत तरीके से अपराध बना दिया गया है.

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