महाराष्ट्र में जहरीले सांप का कहर! आश्रम स्कूल में फर्श पर सो रहीं छात्राओं को डसा, तीन की मौत

Gadchiroli News: महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. धानोरा तालुका के जपटलाई स्थित सरकारी सहायता प्राप्त आवासीय आश्रम स्कूल में रात के वक्त सो रही तीन छात्राओं को कथित तौर पर जहरीले सांप ने डस लिया.

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Gadchiroli News: महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. धानोरा तालुका के जपटलाई स्थित सरकारी सहायता प्राप्त आवासीय आश्रम स्कूल में रात के वक्त सो रही तीन छात्राओं को कथित तौर पर जहरीले सांप ने डस लिया. सुबह घटना की जानकारी सामने आने तक तीनों छात्राओं की मौत हो चुकी थी. हादसे की खबर फैलते ही स्कूल परिसर में मातम पसर गया और मृत छात्राओं के परिवारों में कोहराम मच गया.

फर्श पर सो रही थीं छात्राएं

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जपटलाई के इस आवासीय आश्रम स्कूल में बड़ी संख्या में छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं. शनिवार रात छात्राएं रोज की तरह अपने कमरे में सो रही थीं. इसी दौरान देर रात फर्श पर सो रही तीन छात्राओं को जहरीले सांप ने काट लिया. सुबह जब अन्य छात्राओं और स्कूल प्रशासन को घटना का पता चला, तब तक तीनों की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी और उनकी मौत हो गई थी. तीनों के शवों को गढ़चिरोली जिला सामान्य अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

मंत्री ने दिए जांच के निर्देश

हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. घटना की गंभीरता को देखते हुए जनजातीय विकास मंत्री अशोक उइके ने भी मामले का संज्ञान लिया है. उन्होंने संबंधित परियोजना अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और मामले की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों के साथ-साथ स्कूल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की भी पड़ताल की जा रही है.

इलाज में देरी को लेकर उठे सवाल

तीन छात्राओं की मौत के बाद आश्रम स्कूल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि सांप के काटने के बाद छात्राओं को समय पर इलाज क्यों नहीं मिल सका. क्या स्कूल में प्राथमिक उपचार की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद थी और क्या एंटी-स्नेक वेनम जैसी जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध थी? इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि स्कूल प्रशासन को घटना की जानकारी कितनी देर बाद मिली और छात्राओं को अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा. इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे.

परिजनों ने की कार्रवाई की मांग

हादसे के बाद आश्रम स्कूल में रहने वाली अन्य छात्राओं और उनके अभिभावकों के बीच डर का माहौल है. स्थानीय ग्रामीण और मृत छात्राओं के परिजन पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर स्कूल में सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था बेहतर होती तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी. फिलहाल प्रशासन की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं और यह देखना अहम होगा कि हादसे के लिए किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है या नहीं.

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