MP: मोहन सरकार का बड़ा फैसला, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर विधायकों को मिलेगा 6 प्रतिशत ब्याज अनुदान

मध्य प्रदेश सरकार ने विधायकों को राहत देने के लिए एक अहम फैसला लिया है. राज्य की 16वीं विधानसभा (2023–2028) के सदस्यों को वाहन खरीदने पर ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) देने की मंजूरी दे दी गई है.

Madhya Pradesh MLAs to get interest subsidy on electric vehicles up to ₹30 lakh
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भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने विधायकों को राहत देने के लिए एक अहम फैसला लिया है. राज्य की 16वीं विधानसभा (2023–2028) के सदस्यों को वाहन खरीदने पर ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) देने की मंजूरी दे दी गई है. खास बात यह है कि इस बार सरकार ने पहली बार इलेक्ट्रिक वाहनों को भी इस योजना में शामिल किया है.

इलेक्ट्रिक वाहन पर मिलेगा छह प्रतिशत ब्याज अनुदान

नई योजना के तहत अगर कोई विधायक 30 लाख रुपये तक का इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, तो उसे केवल चार प्रतिशत ब्याज चुकाना होगा. बाकी का ब्याज सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जो अधिकतम छह प्रतिशत तक होगा. यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया. सरकार का उद्देश्य है कि विधायकों को पर्यावरण-अनुकूल वाहनों की ओर प्रेरित किया जाए और राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा मिले.

पेट्रोल-डीजल वाहनों पर कम अनुदान

वहीं, अगर कोई विधायक 15 लाख रुपये से अधिक का पेट्रोल या डीजल वाहन खरीदता है, तो उसे केवल दो प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा. यदि वाहन की कीमत 15 लाख रुपये तक है, तो विधायक को चार प्रतिशत ब्याज देना होगा और शेष ब्याज सरकार चुकाएगी. यह अनुदान अधिकतम पांच वर्षों तक दिया जाएगा.

विधायकों की मांग पर पुनः शुरू हुई योजना

गौरतलब है कि विधायकों के लिए वाहन खरीद पर ब्याज अनुदान योजना कोरोनाकाल में बंद कर दी गई थी. तब से यह योजना दोबारा शुरू नहीं हो पाई थी. हालांकि, विधायकों की लगातार मांग के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मुख्यमंत्री से चर्चा की और संसदीय कार्य विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया. वित्त विभाग ने इसमें कुछ संशोधन किए और ब्याज दरों को दो श्रेणियों में विभाजित कर दिया — ताकि छोटे और बड़े वाहनों के बीच संतुलन बना रहे.

आवास ऋण पर ब्याज अनुदान का प्रस्ताव भी विचाराधीन

वाहन ऋण के साथ-साथ अब आवास ऋण पर ब्याज अनुदान देने का प्रस्ताव भी सरकार के विचाराधीन है. सदस्य सुविधा समिति ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है कि आवास ऋण सीमा 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की जाए. वित्त विभाग ने सुझाव दिया है कि 25 लाख रुपये तक के ऋण पर विधायक चार प्रतिशत ब्याज चुकाएं और शेष सरकार दे, जबकि 50 लाख रुपये तक के ऋण पर दो प्रतिशत ब्याज अनुदान सरकार द्वारा दिया जाए.

कैबिनेट के अन्य फैसले

कैबिनेट बैठक में अन्य प्रशासनिक निर्णय भी लिए गए. सागर जिले की मालथौन तहसील में व्यवहार न्यायाधीश (कनिष्ठ खंड स्तर) का एक नया पद सृजित किया गया है. इसके साथ तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के छह नए पद भी बनाए जाएंगे ताकि न्यायिक कामकाज में तेजी लाई जा सके.

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