नई इंटर्नशिप योजना, 3 नए औषधालय.. मोहन कैबिनेट के अहम फैसले, 33240 करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी

MP Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को स्वीकृति दी गई.

Madhya Pradesh Cabinet meeting Decisions CM Mohan Yadav
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MP Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को स्वीकृति दी गई, जो राज्य के विकास और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी. इन निर्णयों में विभिन्न विभागों के लिए लगभग 33,240 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति, नए पदों की सृजन और स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार सहित कई योजनाओं पर चर्चा की गई. इन निर्णयों से न केवल प्रदेश की शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में मदद मिलेगी, बल्कि लोगों को अधिक सुविधाएं और अवसर भी मिलेंगे.

मुख्यमंत्री यंग इंटर्नस फॉर गुड-गवर्नेंस प्रोग्राम की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री यंग इंटर्नस फॉर गुड-गवर्नेंस प्रोग्राम को 3 वर्षों के लिए लागू करने के लिए 190 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है. इस योजना का उद्देश्य युवा पीढ़ी को सरकारी कार्यप्रणाली से जोड़ना और उन्हें प्रशासनिक क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करना है. यह योजना न केवल युवाओं को कौशल प्रदान करेगी, बल्कि सरकार के कामकाज में पारदर्शिता और प्रभावशीलता को भी बढ़ाएगी.

निःशक्त जन को वृत्तिकर से छूट की निरंतरता

मंत्रि-परिषद ने निःशक्त जन को मध्य प्रदेश वृत्तिकर अधिनियम, 1995 के तहत वृत्तिकर से छूट देने की योजना को 31 मार्च 2030 तक निरंतर बनाए रखने की स्वीकृति दी है. यह कदम राज्य में निःशक्त जनों के लिए एक बड़ी राहत है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्रता मिलेगी और वे अपनी जरूरतों के लिए ज्यादा से ज्यादा संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे.

"एक जिला-एक उत्पाद" परियोजना के तहत आर्थिक सहायता

मंत्रि-परिषद ने "एक जिला-एक उत्पाद" परियोजना को स्वीकृति दी है, जिसके तहत 7 जिलों में पारंपरिक और विशिष्ट उत्पादों के विकास, सरंक्षण और विपणन के लिए 37.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. इस परियोजना के तहत चयनित जिलों में उत्पादों की ब्रांडिंग, विपणन और डिजिटलीकरण के लिए समर्थन प्रदान किया जाएगा, जिससे स्थानीय शिल्पकारों और कारीगरों को नया अवसर मिलेगा. इससे रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

सिंगरौली में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित 7 नए पदों की स्वीकृति

सिंगरौली जिले में न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मंत्रि-परिषद ने चितरंगी में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित कुल 7 नए पदों की स्वीकृति दी है. इससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और स्थानीय लोगों को न्याय मिलने में आसानी होगी. यह कदम राज्य सरकार की न्यायिक ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है.

नई स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 51 नए पदों की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मैहर, कैमोर (कटनी) और निमरानी (खरगोन) में 3 नए औषधालयों को खोलने और 51 नए चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ के पदों की सृजन को स्वीकृति दी है. इन नए स्वास्थ्य केंद्रों से लगभग 15,686 रजिस्टर्ड श्रमिकों और उनके परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी. इससे ग्रामीण और श्रमिक वर्ग के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी.

रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम

मंत्रि-परिषद ने रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत विद्युत वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में एसजीएसटी राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी है. इससे राज्य के विद्युत वितरण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी. यह योजना विद्युत क्षेत्र के आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए अहम साबित होगी.

ग्रामीण अवसंरचना और पेयजल आपूर्ति 

ग्रामीण क्षेत्रों की अवसंरचना और पेयजल आपूर्ति के लिए मंत्रि-परिषद ने 6090 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. यह राशि ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण और पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए इस्तेमाल की जाएगी. इस कदम से राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का सुधार होगा और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा.

महिला और बाल विकास विभाग के लिए 3,773 करोड़

महिला और बाल विकास विभाग की योजनाओं के निरंतरता के लिए 3,773 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इस राशि का उपयोग महिला कल्याण, बाल अधिकार संरक्षण और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं के संचालन के लिए किया जाएगा. यह कदम महिला सशक्तिकरण और बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा.

स्टार्ट-अप नीति और निवेश संवर्धन

एमएसएमई विभाग द्वारा स्टार्ट-अप नीति और निवेश संवर्धन के लिए 11,361 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इस राशि का उपयोग राज्य में व्यवसाय और उद्योगों के विकास के लिए किया जाएगा. इससे न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि राज्य के उद्योग क्षेत्र को भी नई दिशा मिलेगी.

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