भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी. राज्य सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹40 प्रति क्विंटल का बोनस जोड़ने का ऐलान किया है. इसके साथ ही, किसानों को गेहूं की खरीद अब ₹2625 प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी, जो पहले ₹2585 थी. यह कदम किसानों के हित में है और उनके कृषि उत्पादन के बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने में मदद करेगा.
पंजीयन की तिथि में बढ़ोतरी
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है. पहले 7 मार्च तक पंजीयन करने का समय था, जिसे अब बढ़ाकर 10 मार्च कर दिया गया है. इस फैसले से किसानों को और अधिक समय मिल सकेगा और वे आराम से अपने पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर पाएंगे.
त्योहारों के बीच राहत
मध्य प्रदेश में धुलेंडी और रंगपंचमी जैसे बड़े त्योहारों का समय होने के कारण, किसान संगठनों ने पंजीयन की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की थी. राज्य सरकार ने इस बात को ध्यान में रखते हुए समय-सीमा बढ़ाने का फैसला किया है, ताकि त्योहारों के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
पंजीयन के लिए विभिन्न केंद्रों की व्यवस्था
किसान अब विभिन्न केंद्रों पर जाकर अपना पंजीयन करा सकते हैं. यह पंजीयन ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों में बनाए गए सुविधा केंद्रों के अलावा, सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर भी किया जा सकता है.
निश्शुल्क और सशुल्क पंजीयन विकल्प
किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने पंजीयन के दो विकल्प पेश किए हैं – निश्शुल्क और सशुल्क. जहां सहकारी सोसायटियों में पंजीयन निश्शुल्क किया जा रहा है, वहीं कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर पंजीयन के लिए मामूली शुल्क लिया जाएगा. इसके अलावा, किसान अब मोबाइल ऐप के माध्यम से भी स्वयं पंजीयन कर सकते हैं, जो और भी आसान तरीका है.
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