रेलवे सिग्नल बॉक्स को उड़ाने की साजिश नाकाम! नाई की दुकान से खुला आतंकी साजिश का राज, 4 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने एक बड़ी राष्ट्रविरोधी साजिश को नाकाम कर दिया है, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर्स के निर्देश पर भारत में कई बड़े हमले किए जाने थे.

Lucknow UP ATS terror module busted Pakistan handler link 4 arrested
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उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने एक बड़ी राष्ट्रविरोधी साजिश को नाकाम कर दिया है, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर्स के निर्देश पर भारत में कई बड़े हमले किए जाने थे. 2 अप्रैल 2026 को ATS ने लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास साकिब उर्फ वकिल और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया, जब वे रेलवे सिग्नल बॉक्स में आगजनी और विस्फोट की योजना बनाने में लगे थे. साकिब और उसके साथी देश की प्रमुख सार्वजनिक संपत्तियों और गैस सिलेंडर भरे ट्रकों को निशाना बना रहे थे ताकि भारत में आतंक फैलाया जा सके.

पाकिस्तानी हैंडलर्स से मिली साजिश

ATS के अनुसार, मुख्य आरोपी साकिब नाई का काम करता था, लेकिन उसकी असल पहचान आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के रूप में सामने आई. वह पाकिस्तानी हैंडलर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में था. यह हैंडलर उसे कश्मीर मुजाहिद्दीन, ओसामा बिन लादेन, और गजवा-ए-हिंद जैसे नामों के तहत भारत में आतंक फैलाने के लिए उकसाता था. साकिब और उसका गिरोह गाजियाबाद, अलीगढ़, लखनऊ और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों की रेकी करते थे और उसके बाद पाकिस्तानी हैंडलर के बताए गए टारगेट्स पर हमले करते थे.

कैसे काम करता था यह आतंकवादी गिरोह?

यह गिरोह अपनी साजिशों को अंजाम देने के लिए भारत के विभिन्न हिस्सों में योजना बनाता था. वे प्रमुख राजनीतिक नेताओं के घरों, रेलवे संपत्तियों और सार्वजनिक स्थलों की रेकी करते थे, और इसके बाद इन स्थानों की वीडियो रिपोर्ट पाकिस्तानी हैंडलर को भेजते थे. गूगल लोकेशन के जरिए टारगेट तय करने के बाद, गिरोह के सदस्य इन स्थानों पर हमले करते थे और इसके प्रमाण के रूप में वीडियो पाकिस्तान भेजते थे. इसके बाद, वे QR कोड के जरिए पैसे प्राप्त करते थे, जो इस पूरी साजिश के लिए उनकी 'सैलरी' के रूप में काम करता था.

गिरफ्तार आरोपी और उनके खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे

ATS ने साकिब के अलावा उसके तीन साथियों अरबाब, विकास उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू को भी गिरफ्तार किया. इनसे एक ज्वलनशील पदार्थ की कैन, सात स्मार्टफोन, 24 पर्चे (पैंफलेट) और आधार कार्ड बरामद किए गए. एटीएस ने इन सभी के खिलाफ लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया है और अब इन्हें अदालत में पेश किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों से की गई पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि यह गिरोह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े हैंडलर्स के संपर्क में था, जो भारत में सामूहिक नरसंहार और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहे थे.

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