AI ने छीन ली नौकरी? अब घर बैठे ऐसे कमाएं पैसे, जानिए UBI सिस्टम कैसे करेगा आपकी मदद?

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) आज हमारे काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल रहा है. जहां यह हमारे लिए कई सुविधाएं लाता है, वहीं लाखों नौकरियों को खतरे में डाल रहा है. कोडिंग, शिक्षण, कस्टमर सपोर्ट और पत्रकारिता जैसे क्षेत्र अब AI टूल्स के तेज़ और सस्ते विकल्पों का सामना कर रहे हैं.

Lost your job to AI Here s how UBI can pay you from home
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आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) आज हमारे काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल रहा है. जहां यह हमारे लिए कई सुविधाएं लाता है, वहीं लाखों नौकरियों को खतरे में डाल रहा है. कोडिंग, शिक्षण, कस्टमर सपोर्ट और पत्रकारिता जैसे क्षेत्र अब AI टूल्स के तेज़ और सस्ते विकल्पों का सामना कर रहे हैं. गोल्डमैन सैक्स की 2023 रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में लगभग 30 करोड़ नौकरियों पर AI का असर पड़ सकता है.

AI टूल्स की बढ़ती ताकत

आज ChatGPT जैसे मॉडल प्रोग्रामिंग और टेस्ट में इंसानों को पछाड़ रहे हैं. Sora, Runway और Google VEO 3 जैसे टूल्स केवल टेक्स्ट से पूरा वीडियो बना सकते हैं. AI अब वीडियो एडिटिंग, वॉइसओवर और ईमेल ड्राफ्टिंग जैसे काम भी कर रहा है. इसका मतलब है कि अगर आपका काम डेटा, शब्द या पैटर्न पर आधारित है, तो AI उसे तेज़ और सस्ता कर सकता है.

UBI: भविष्य की वित्तीय सुरक्षा

यहीं वजह है कि UBI (Universal Basic Income) की चर्चा जोर पकड़ रही है. UBI एक ऐसा सिस्टम है जिसमें सरकार हर नागरिक को नियमित अंतराल पर एक निश्चित राशि देती है, चाहे वह अमीर हो या गरीब, नौकरी कर रहा हो या नहीं. इसका मकसद लोगों की बुनियादी ज़रूरतें खाना, घर, स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है.

UBI की खासियत

UBI हर व्यक्ति को मिलता है, किसी योग्यता की परवाह नहीं. यह नियमित रूप से भुगतान किया जाता है, जिससे आर्थिक सुरक्षा बनी रहती है. बड़े टेक लीडर्स का मानना है कि AI के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए UBI ही सबसे प्रभावी समाधान हो सकता है. सैम ऑल्टमैन और एलन मस्क जैसे उद्योग जगत के दिग्गज लंबे समय से इसके समर्थक हैं.

UBI का विश्वव्यापी प्रयोग

फिनलैंड, कनाडा और अमेरिका के कुछ शहरों में UBI के प्रयोग हो चुके हैं. शुरुआती परिणाम बताते हैं कि इससे लोगों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ती है और मानसिक तनाव घटता है, बिना उन्हें आलसी बनाए. लेकिन बड़े स्तर पर इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण है.

डिजिटल मुद्रा और भारत में UBI

इसी कारण सरकारें CBDC (Central Bank Digital Currency) यानी डिजिटल मुद्रा पर काम कर रही हैं. इससे UBI की राशि को नियंत्रित किया जा सकता है और गैर-ज़रूरी खर्चों पर रोक लगाई जा सकती है. भारत में डिजिटल रुपया लॉन्च हो चुका है और यह नकद की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. AI और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव के साथ, भारत में भी UBI की चर्चा तेज़ हो रही है.

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