नए साल 2026 के स्वागत में नोएडा ने जश्न मनाने का ऐसा अंदाज़ दिखाया, जिसने सरकारी खजाने को भी मालामाल कर दिया. 31 दिसंबर 2025 की शाम ढलते ही शहर में पार्टी का माहौल बन गया और जैसे-जैसे घड़ी आधी रात की ओर बढ़ी, वैसे-वैसे शराब की दुकानों पर भीड़ उमड़ पड़ी.
आबकारी विभाग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, नोएडा में सिर्फ एक ही रात में करीब 17 करोड़ रुपये की शराब और बीयर की बिक्री दर्ज की गई. यह बीते तीन वर्षों में सबसे ज्यादा है और इसने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. लंबी कतारों, देर रात तक खुली दुकानों और भारी मांग ने नए साल की रात को विभाग के लिए ऐतिहासिक बना दिया.
आबकारी विभाग के लिए बंपर कमाई
राजस्व के लिहाज से यह साल का आखिरी दिन आबकारी विभाग के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस बार की बिक्री ने न सिर्फ पिछले साल बल्कि उससे पहले के वर्षों को भी पीछे छोड़ दिया.
इस तरह, पिछले साल की तुलना में इस बार करीब 22 प्रतिशत की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई. यह आंकड़ा साफ तौर पर दिखाता है कि महंगाई या अन्य आर्थिक दबावों के बावजूद जश्न मनाने में लोगों ने कोई कमी नहीं छोड़ी.
मात्रा के हिसाब से भी ऐतिहासिक खपत
सिर्फ पैसों के लिहाज से ही नहीं, बल्कि खपत की मात्रा के मामले में भी नया रिकॉर्ड बना है. आबकारी विभाग के अनुसार, नए साल की रात नोएडा में करीब 4 लाख लीटर शराब की खपत हुई. यह संख्या अपने आप में बताती है कि शहर में जश्न कितने बड़े पैमाने पर मनाया गया.
लोगों की पसंद में देशी शराब सबसे आगे
बिक्री के आंकड़ों में एक दिलचस्प रुझान भी देखने को मिला. आमतौर पर माना जाता है कि पार्टी के मौके पर अंग्रेजी शराब और बीयर ज्यादा पसंद की जाती है, लेकिन इस बार देशी शराब ने बाज़ी मार ली.
देशी शराब की भारी मांग ने यह साफ कर दिया कि किफायती विकल्प आज भी बड़ी संख्या में लोगों की पहली पसंद बना हुआ है.
सर्दी में भी बीयर की रिकॉर्ड बिक्री
आमतौर पर सर्दियों के मौसम में बीयर की खपत कम मानी जाती है, लेकिन नोएडा के लोगों ने इस धारणा को पूरी तरह गलत साबित कर दिया.
31 दिसंबर की रात 1.2 लाख लीटर बीयर की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल इसी दिन यह आंकड़ा करीब 82 हजार लीटर था. साल-दर-साल आधार पर बीयर की बिक्री में यह सबसे तेज उछाल माना जा रहा है.
सरकारी फैसले से बढ़ी बिक्री
इतनी बड़ी बिक्री के पीछे सिर्फ लोगों का उत्साह ही नहीं, बल्कि प्रशासन की ओर से दी गई राहत भी एक अहम कारण रही. उत्तर प्रदेश सरकार ने नए साल के जश्न को देखते हुए शराब की दुकानों के बंद होने का समय एक घंटे के लिए बढ़ा दिया था.
इस अतिरिक्त समय का सीधा असर बिक्री पर पड़ा और देर रात तक लोग शराब की दुकानों पर पहुंचते रहे. जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार के अनुसार, बिक्री में यह तेजी अचानक नहीं आई थी, बल्कि इसका रुझान पहले से ही दिखने लगा था.
क्रिसमस से ही शुरू हो गया था जश्न
आबकारी विभाग के मुताबिक, शराब की बिक्री में उछाल सिर्फ 31 दिसंबर तक सीमित नहीं रहा. 25 दिसंबर (क्रिसमस डे) को भी नोएडा में करीब 14 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की गई थी. इससे यह साफ हो गया था कि साल के आखिरी सप्ताह में लोग खुलकर जश्न मनाने के मूड में हैं.
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