इन कारणों की वजह से जूते उतारते ही आने लगती है बदबू, जानें टी बैग से कैसे करें इस समस्या का इलाज

Shoe Odor: कई बार हमें घर के बाहर किसी जगह जूते उतारने पड़ जाते हैं, चाहे वो किसी के घर जाना हो, धार्मिक स्थल हो या कोई ऑफिस मीटिंग. लेकिन कुछ लोगों के लिए यह पल बेहद असहज और शर्मिंदगी भरा बन जाता है. वजह होती है पैरों या तलवों से आने वाली तेज बदबू.

Lifestyle shoes start smelling as soon as you take them off know how to cure this problem with tea bags
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Shoe Odor: कई बार हमें घर के बाहर किसी जगह जूते उतारने पड़ जाते हैं, चाहे वो किसी के घर जाना हो, धार्मिक स्थल हो या कोई ऑफिस मीटिंग. लेकिन कुछ लोगों के लिए यह पल बेहद असहज और शर्मिंदगी भरा बन जाता है. वजह होती है पैरों या तलवों से आने वाली तेज बदबू. जिन लोगों के पैरों में ज्यादा पसीना आता है, उन्हें जूतों और मोजों में बदबू की समस्या अक्सर झेलनी पड़ती है. खुद तो किसी तरह बर्दाश्त हो जाती है, लेकिन आसपास मौजूद लोग हों तो स्थिति और ज्यादा असहज हो जाती है.

आम तौर पर माना जाता है कि जिन लोगों को लगातार नाक बहने (नजला जैसी समस्या) या शरीर में अधिक नमी रहने की दिक्कत होती है, उनके तलवों में भी पसीना ज्यादा बनता है. जूते पहनने के बाद बंद माहौल और गर्मी की वजह से पसीना सूख नहीं पाता, जिससे जूतों और मोजों में बदबू बनने लगती है. सवाल यह है कि आखिर पैरों से बदबू क्यों आती है और क्या घरेलू उपायों से इस परेशानी से कुछ हद तक राहत मिल सकती है? आइए विस्तार से समझते हैं.

तलवों से बदबू क्यों आती है? (Foot Odor Reasons)

पैरों से आने वाली बदबू का सीधा संबंध पसीने और बैक्टीरिया से होता है. यह एक तरह की केमिकल प्रक्रिया है. मानव शरीर में पसीने की ग्रंथियां कई जगह होती हैं, लेकिन पैरों में इनकी संख्या सबसे ज्यादा मानी जाती है. बताया जाता है कि तलवों में लाखों की संख्या में एरिन स्वेट ग्लैंड्स (Eccrine Sweat Glands) होती हैं, जो शरीर के दूसरे हिस्सों की तुलना में कहीं ज्यादा पसीना पैदा करती हैं.

खुद पसीने में कोई गंध नहीं होती. पसीना मुख्य रूप से पानी, नमक और थोड़ी मात्रा में प्रोटीन या यूरिया से मिलकर बनता है. असली समस्या तब शुरू होती है जब यह पसीना पैरों पर मौजूद बैक्टीरिया के संपर्क में आता है. जूते बंद होते हैं और मोजे गर्म, जिससे नमी बनी रहती है और हवा का प्रवाह नहीं हो पाता. इस कारण पसीना सूख नहीं पाता और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं.

दरअसल, ये बैक्टीरिया पसीने में मौजूद नमक, अमीनो एसिड, मृत त्वचा कोशिकाएं और त्वचा से निकलने वाले प्राकृतिक तेल (सीबम) को “खाते” हैं. इस प्रक्रिया के बाद जो अपशिष्ट पदार्थ निकलते हैं, वही तेज और अप्रिय गंध का कारण बनते हैं. जब जूते उतारे जाते हैं तो बंद माहौल में बनी यह बदबू अचानक हवा में फैल जाती है और आसपास बैठे लोगों को भी तुरंत महसूस होती है.

कुछ लोगों के पैरों से ज्यादा बदबू क्यों आती है?

हर किसी के पैरों से बदबू नहीं आती, लेकिन कुछ लोगों में यह समस्या ज्यादा गंभीर होती है. इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं:

  • ज्यादा पसीना आना: जिन लोगों के पैरों में अधिक पसीना आता है, उनमें बैक्टीरिया के पनपने की संभावना भी ज्यादा होती है.
  • डेड स्किन सेल्स और फंगल इंफेक्शन: पैरों की त्वचा पर जमी मृत कोशिकाएं और फंगल इंफेक्शन बदबू को बढ़ा सकते हैं.
  • रोज एक ही जूता पहनना: एक ही जूता लगातार पहनने से उसमें नमी और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं.
  • सिंथेटिक मोजे पहनना: कॉटन मोजों की तुलना में सिंथेटिक सॉक्स नमी को ज्यादा रोकते हैं, जिससे बदबू की समस्या बढ़ जाती है.
  • कुछ स्वास्थ्य स्थितियां: एक्सपर्ट्स के मुताबिक डायबिटीज, हार्मोनल बदलाव और ज्यादा तनाव भी पसीना बढ़ाने और बदबू की समस्या को बढ़ावा दे सकते हैं.

टी बैग से पैरों और जूतों की बदबू कैसे कम करें? 

जूते उतारते ही आने वाली बदबू से राहत पाने के लिए लोग तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं, जैसे तुरंत पैरों को साबुन से धो लेना. हालांकि बदबू का बड़ा कारण जूतों में जमा बैक्टीरिया और नमी होती है. इसलिए जूतों की सफाई और उनमें नमी कम करना बेहद जरूरी है.

एक आसान घरेलू उपाय है टी बैग का इस्तेमाल. चाय में मौजूद टैनिन (Tannins) एक नेचुरल एंटीबैक्टीरियल कंपाउंड होता है. यह बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया की ग्रोथ को कम करता है और उनकी एक्टिविटी को नुकसान पहुंचाता है. इसके साथ ही चाय की खुशबू बदबू को कुछ हद तक कवर करने में मदद करती है और टी बैग नमी को भी सोख लेते हैं.

टी बैग का सही तरीका कैसे अपनाएं?

कुछ लोग सूखे टी बैग सीधे जूतों में रख देते हैं, लेकिन कई विशेषज्ञ मानते हैं कि गीले टी बैग का इस्तेमाल ज्यादा असरदार हो सकता है.

उपयोग करने का तरीका:

  • दो टी बैग लें और उन्हें पानी में उबाल लें.
  • उबालने के बाद टी बैग को बाहर निकालकर थोड़ा ठंडा होने दें.
  • जिन जूतों से बदबू आती है, उनके अंदर इन टी बैग को रखें.
  • इन्हें कम से कम 2 से 3 घंटे तक जूतों में रहने दें.
  • अगर बदबू ज्यादा हो, तो रातभर भी जूतों में छोड़ सकते हैं.

इसके बाद चाहें तो जूतों को कुछ समय के लिए धूप में भी रख दें. सूरज की अल्ट्रावॉयलेट किरणें बैक्टीरिया को कम करने में मदद करती हैं. हफ्ते में 2 से 3 बार यह उपाय अपनाने से बदबू में काफी हद तक कमी आ सकती है.

कुछ अतिरिक्त टिप्स

  • रोज मोजे बदलें और कॉटन के मोजे पहनने की आदत डालें.
  • जूतों को पहनने के बाद हवा लगने दें, ताकि नमी सूख सके.
  • एक ही जूता रोज पहनने से बचें और जूतों को बारी-बारी से इस्तेमाल करें.
  • पैरों को रोज धोकर अच्छी तरह सुखाएं, खासकर उंगलियों के बीच.

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