यूपी में बंट रही ₹900 की स्पेशल किट, जानिए क्या है इसके अंदर और कैसे हो रहा इस्तेमाल?

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बाढ़ पीड़ितों के लिए जो राहत कार्य किया जा रहा है, वह राज्य में एक अनूठी मिसाल बनकर उभरा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की "आपदा में जनसहभागिता" की नीति को ज़मीन पर उतारते हुए जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने सीएसआर स्पेशल किट का वितरण शुरू कराया है.

Lakhimpur Kheri DM launches CSR special kit for flood relief under CM Yogi guidance
Image Source: ANI

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बाढ़ पीड़ितों के लिए जो राहत कार्य किया जा रहा है, वह राज्य में एक अनूठी मिसाल बनकर उभरा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की "आपदा में जनसहभागिता" की नीति को ज़मीन पर उतारते हुए जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने सीएसआर स्पेशल किट का वितरण शुरू कराया है, जिससे हजारों जरूरतमंदों को सीधा लाभ मिल रहा है.

5,000 जरूरतमंदों को मिली स्पेशल किट

जिलाधिकारी की पहल पर कॉरपोरेट सेक्टर, उद्यमियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से 5,000 सीएसआर किट तैयार की गई हैं. इन किटों की कुल लागत लगभग ₹45 लाख है, और एक किट पर लगभग ₹900 खर्च हुआ है. यह सहायता सरकार द्वारा दी जा रही वित्तीय मदद, राहत सामग्री और मुआवज़े के अलावा दी जा रही है, जिससे यह कदम और भी खास बन जाता है.

प्रदेश का पहला जिला बना लखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां बाढ़ पीड़ितों को सीएसआर स्पेशल किट उपलब्ध कराई जा रही है. इससे पहले भी, बीते वर्ष आपदा के समय सीएम योगी के निर्देशन में इस तरह की पहल की गई थी, जो अब एक स्थायी मॉडल बनती जा रही है.

किन लोगों को मिल रही है यह विशेष राहत?

जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि पांच बाढ़ प्रभावित तहसीलों निघासन, धौरहरा, गोला गोकर्णनाथ, पलिया और सदर के बाढ़ग्रस्त गांवों में चिन्हित लाभार्थियों को यह किट दी जा रही है. विशेष रूप से जिन वर्गों को प्राथमिकता दी गई है उनमें निराश्रित महिलाएं, दिव्यांगजन और 70 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजन शामिल हैं. ये वे लोग हैं जो बाढ़ जैसी आपदा में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं और जिन्हें तत्काल मदद की सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है.

स्पेशल किट में क्या-क्या है शामिल?

सीएसआर स्पेशल किट में राहत के लिए उपयोगी और ज़रूरी चीजें शामिल की गई हैं, जो बाढ़ की स्थिति में काफी मददगार साबित होती हैं. इस किट में मच्छरदानी, छाता, बैटरी और टॉर्च, 2 पैकेट सेनेटरी पैड और 2 लीटर की थर्मस है. ये सभी चीजें उन ज़रूरतमंदों के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकती हैं, जो बाढ़ से प्रभावित होकर बुनियादी ज़रूरतों के लिए जूझ रहे हैं.

जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि अगर भविष्य में और जरूरत पड़ी तो अधिक संख्या में किट तैयार की जाएंगी, ताकि कोई भी जरूरतमंद सहायता से वंचित न रहे. गुरुवार को सदर तहसील में विधायक योगेश वर्मा के साथ खुद जिलाधिकारी ने लाभार्थियों को किट वितरित कर यह संदेश दिया कि प्रशासन हर मुश्किल घड़ी में जनता के साथ खड़ा है.

ये भी पढ़ें: यूपी के हर जिले में 100 एकड़ में बनेगा खास जोन, क्या है सीएम योगी आदित्यनाथ का मेगा मास्टरप्लान?