PicSee App: "क्या आपने कभी सोचा है कि दोस्तों के साथ ली गई हर बेहतरीन तस्वीर बिना मांगे आपके फोन में आ जाए?" अब ये मुमकिन है, एक नए और स्मार्ट ऐप PicSee के साथ, जिसे बनाया है Koo ऐप के को-फाउंडर मयंक बिदावतका ने.
2020 में Koo की शुरुआत करने वाले बिदावतका अब अपनी नई कंपनी Billion Hearts के तहत AI-बेस्ड फोटो शेयरिंग ऐप PicSee के साथ टेक की दुनिया में एक बार फिर वापसी कर चुके हैं. और मज़ेदार बात ये है कि सिर्फ 3 महीने में ये ऐप 75 गुना ग्रोथ के साथ 27 देशों में इस्तेमाल हो रहा है!
क्या है PicSee और क्यों है ये खास?
PicSee कोई आम फोटो शेयरिंग ऐप नहीं है. यह ऐसा ऐप है जो AI और फेस रिकग्निशन का इस्तेमाल करके यह पहचानता है कि आप और आपका कौन-सा दोस्त एक ही फोटो में हैं, और फिर वही फोटो दोनों डिवाइसेज़ में ऑटोमैटिक शेयर हो जाती है.
कैसे काम करता है PicSee?
प्राइवेसी की पूरी गारंटी
PicSee की सबसे बड़ी ताकत है इसकी सुरक्षा और गोपनीयता:
मयंक बिदावतका का कहना है कि अभी ऐप पूरी तरह फ्री है, लेकिन भविष्य में कुछ एक्सक्लूसिव प्रीमियम फीचर्स लाए जा सकते हैं, जो सब्सक्रिप्शन मॉडल के तहत उपलब्ध होंगे.
27 देशों में मौजूदगी, भारत से अमेरिका तक
PicSee का इस्तेमाल अब भारत के अलावा इन देशों में भी हो रहा है:
अमेरिका
ब्रिटेन
जापान
जर्मनी
फ्रांस
Koo से लेकर PicSee तक, मयंक बिदावतका का सफर
जहां Koo ऐप एक माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म था और एक समय ट्विटर का विकल्प बनकर उभरा था, वहीं PicSee पूरी तरह यूजर-सेंट्रिक और AI फोकस्ड प्रोडक्ट है. Koo अब भले बंद हो चुका हो, लेकिन बिदावतका का यह नया कदम दिखाता है कि भारतीय टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स अब सिर्फ लोकल नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर इनोवेशन कर रहे हैं.
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