करवा चौथ 2025: जानिए आपके शहर में चंद्रोदय का सटीक समय और पूजन विधि

शादीशुदा महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत बेहद खास होता है. इस दिन वे अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए पूरे दिन निर्जल व्रत रखती हैं. व्रत की समाप्ति रात को चंद्र दर्शन और उन्हें अर्घ्य देने के बाद ही होती है. परंपराओं के अनुसार, चांद को छलनी से देखकर फिर पति के दर्शन किए जाते हैं.

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शादीशुदा महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत बेहद खास होता है. इस दिन वे अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए पूरे दिन निर्जल व्रत रखती हैं. व्रत की समाप्ति रात को चंद्र दर्शन और उन्हें अर्घ्य देने के बाद ही होती है. परंपराओं के अनुसार, चांद को छलनी से देखकर फिर पति के दर्शन किए जाते हैं. यह परंपरा सदियों से निभाई जा रही है और इसका धार्मिक और भावनात्मक महत्व दोनों ही बहुत गहरा है.

करवा चौथ का व्रत इस बार 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को रखा जाएगा. आइए जानते हैं आपके शहर में चांद निकलने का समय और इससे जुड़ी पूजा विधि.

करवा चौथ 2025: आपके शहर में चांद निकलने का समय
शहर     चंद्रोदय का समय
नोएडा   रात 08:13 बजे
चंडीगढ़  रात 08:10 बजे
कानपुर     रात 08:07 बजे
लखनऊ     रात 08:03 बजे
बेंगलुरु     रात 08:50 बजे
मुंबई     रात 08:56 बजे
पुणे रात 08:53 बजे
पटना रात 07:49 बजे
वाराणसी रात 07:59 बजे
गोरखपुर     रात 07:53 बजे
रांची रात 07:54 बजे
जयपुर रात 08:24 बजे
जम्मू  रात 08:12 बजे
कोलकाता रात 08:12 बजे
भुवनेश्वर     रात 07:59 बजे
कोटा     रात 08:29 बजे
अयोध्या     रात 07:58 बजे

करवा चौथ पर चांद को अर्घ्य देने की सही विधि

पूजन की तैयारी: चांद निकलने से पहले व्रती महिलाओं को एक पूजा की थाली तैयार करनी चाहिए. इसमें एक मिट्टी या तांबे का कलश रखें, जिसमें जल, अक्षत (चावल), एक चांदी का सिक्का डालें.

थाली में रखें यह सामग्री:

  • रोली (कुमकुम)
  • अक्षत
  • छलनी
  • आटे का दीपक
  • मिठाई
  • चांद निकलने के बाद क्या करें:
  • पहले छलनी से चांद के दर्शन करें
  • फिर उसी छलनी से अपने पति के दर्शन करें
  • चंद्रमा को अर्घ्य दें और दीपक दिखाएं
  • मिठाई का भोग लगाकर चंद्र देव की आरती करें
  • चांद की ओर सात बार चावल या सिक्के चढ़ाएं
  • इसके बाद पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोलें

चंद्रमा को अर्घ्य देते समय बोले यह मंत्र

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नमः
ॐ दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम्.
नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुटभूषणम्॥

अगर चांद न दिखाई दे तो क्या करें?

कई बार मौसम खराब होने या बादलों की वजह से चंद्र दर्शन संभव नहीं हो पाते. ऐसी स्थिति में यदि अन्य शहरों में चांद निकल चुका हो और आपके यहां बादलों से ढका हो, तो आप चंद्रोदय के निर्धारित समय पर पूजा करके, चंद्र देव का मन में ध्यान कर अर्घ्य दें और व्रत का पारण करें.

करवा चौथ का व्रत सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि एक प्रेम और समर्पण का प्रतीक है. इस दिन का हर पल महिलाओं के लिए विशेष होता है — व्रत की तपस्या, सजना-संवरना, कथा सुनना और फिर चांद देखकर व्रत खोलना, ये सब इस दिन को बेहद खास बना देते हैं.

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