Zimbabwe Boat Tragedy: जिम्बाब्वे की करिबा झील में एक दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. यात्रियों से खचाखच भरी एक नाव तेज लहरों के बीच पलट गई, जिससे कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 यात्री अब भी लापता बताए जा रहे हैं. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक हादसे के बाद 77 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया और उन्हें झील के एक द्वीप पर पहुंचाया गया. शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि नाव अपनी निर्धारित क्षमता से काफी अधिक यात्रियों को लेकर सफर कर रही थी.
90 की क्षमता, नाव में सवार थे 119 से ज्यादा लोग
जिम्बाब्वे की सिविल प्रोटेक्शन यूनिट के अनुसार टिकट बिक्री के रिकॉर्ड में नाव पर 114 वयस्क यात्रियों और चालक दल के पांच सदस्यों के सवार होने की जानकारी मिली है. यानी नाव पर कम से कम 119 लोग मौजूद थे, जबकि उसकी आधिकारिक क्षमता महज 90 यात्रियों की थी. अधिकारियों ने यह भी आशंका जताई है कि टिकट की निर्धारित उम्र सीमा से छोटे बच्चों की संख्या रिकॉर्ड में शामिल नहीं हो सकती है. ऐसे में हादसे के वक्त नाव में मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या इससे भी अधिक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
पहले से जताई जा रही थी चिंता
स्थानीय सांसद मुत्सा मुरोम्बेडजी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें लोग किनारे पर खड़े होकर नाव को रवाना होते हुए देख रहे हैं. उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग अक्सर झील के रास्ते करिबा शहर तक पहुंचने के लिए नावों का इस्तेमाल करते हैं. वीडियो में कुछ लोगों को झील की तेज लहरों के बीच नाव की सुरक्षा को लेकर चिंतित भी देखा जा सकता है. इससे संकेत मिलता है कि खराब जल परिस्थितियों के बावजूद नाव के सफर पर निकलने को लेकर सवाल उठ रहे थे.
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटीं टीमें
हादसे की सूचना मिलते ही बचाव अभियान शुरू कर दिया गया. जिम्बाब्वे पुलिस ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जाने की पुष्टि की है. सरकारी प्रसारक जेडबीसी की ओर से जारी फुटेज में स्पीडबोट पलटी हुई नाव की तरफ तेजी से जाती दिखाई दे रही हैं, जबकि घटनास्थल के ऊपर एक हेलीकॉप्टर भी निगरानी करता नजर आया. राहत एवं बचाव दल पानी में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं और लापता यात्रियों की संख्या को देखते हुए अभियान को बेहद अहम माना जा रहा है.
जिम्बाब्वे-जाम्बिया की सीमा पर स्थित है विशाल करिबा झील
करिबा झील दक्षिणी अफ्रीका में जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित है. दोनों देशों के बीच आधिकारिक सीमा झील के बीच से गुजरती है. यह झील केवल स्थानीय परिवहन और आर्थिक गतिविधियों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि अपने विशाल आकार के कारण दुनिया की प्रमुख मानव निर्मित झीलों में भी शामिल है. ग्रामीण इलाकों के कई लोग आवागमन के लिए इसके जलमार्ग पर निर्भर रहते हैं, जिससे यहां नावों की आवाजाही आम है.
बांध से बनी झील आज बनी विशाल जलक्षेत्र
करिबा झील का निर्माण 1950 के दशक के अंत और 1960 के दशक की शुरुआत में जाम्बेजी नदी पर बांध बनाए जाने के बाद हुआ था. बांध के निर्माण के बाद घाटी में पानी भरता गया और धीरे-धीरे एक विशाल जलक्षेत्र अस्तित्व में आया. यह झील 200 किलोमीटर से अधिक लंबी है और कुछ हिस्सों में इसकी चौड़ाई करीब 40 किलोमीटर तक पहुंचती है. मौजूदा नाव हादसे ने एक बार फिर झील में यात्री सुरक्षा, नावों की क्षमता और जल परिस्थितियों के बीच संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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