Kawad Yatra Route: सावन महीने की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है. लाखों शिव भक्त हरिद्वार और ऋषिकेश के गंगा घाटों से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने शहरों और गांवों के शिव मंदिरों की ओर निकल पड़े हैं. कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं.
कांवड़ यात्रा के मुख्य रास्तों पर 40 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. वहीं दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के एक हिस्से को भी कुछ दिनों के लिए बंद किया गया है. मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, हापुड़ और दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक जगह-जगह कांवड़ शिविर लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने और आराम की व्यवस्था की गई है.
🚨 TRAFFIC ADVISORY | KANWAR YATRA–2026
— Delhi Traffic Police (@dtptraffic) July 29, 2026
In view of the Kanwar Yatra from 30.07.2026 to 11.08.2026, traffic movement is likely to be affected on several routes across the Western Range of Delhi due to the movement of Kanwariyas and Kanwar Camps.
Commuters are advised to plan… pic.twitter.com/pDfPYEkiKe
हरिद्वार से शुरू होकर दिल्ली तक पहुंचती है यात्रा
कांवड़ यात्रा की शुरुआत उत्तराखंड के हरिद्वार से होती है. श्रद्धालु हर की पैड़ी और दूसरे गंगा घाटों से जल भरकर पैदल, साइकिल, बाइक, कार और डीजे वाली गाड़ियों के साथ आगे बढ़ते हैं. हरिद्वार से कांवड़िए नारसन और पुरकाजी बॉर्डर के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश करते हैं. इसके बाद मुजफ्फरनगर, खतौली और मेरठ होते हुए दिल्ली-एनसीआर की तरफ जाते हैं.
कांवड़ यात्रा का मुख्य रूट
हरिद्वार से उत्तर प्रदेश में आने के बाद कांवड़िए मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा, खतौली और मेरठ कॉरिडोर से आगे बढ़ते हैं. मेरठ से मोदीनगर, मुरादनगर, गाजियाबाद होते हुए कांवड़िए दिल्ली में प्रवेश करते हैं.
दिल्ली में सीमापुरी, अप्सरा बॉर्डर, भोपुरा, यूपी गेट, गाजीपुर, लोनी और चिल्ला बॉर्डर मुख्य रास्ते हैं. इसके अलावा मेरठ-हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा जाने वाले रास्तों पर भी कांवड़ियों की भारी भीड़ देखने को मिलती है.
दिल्ली में 8 हजार से ज्यादा जवान तैनात
दिल्ली पुलिस ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है. दिल्ली में बॉर्डर, ट्रांजिट कैंप और प्रमुख रास्तों पर 8 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी और होमगार्ड तैनात किए गए हैं. कांवड़ रूट को 12 सुपर जोन, 33 जोन और 120 सेक्टर में बांटा गया है. घाटों और नहरों पर सुरक्षा के लिए जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी.
पश्चिमी यूपी में 25 हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा
उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के रास्तों पर 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. इसके अलावा पीएसी की कई कंपनियां और अर्धसैनिक बल भी सुरक्षा में लगाए गए हैं. संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी परेशानी से तुरंत निपटा जा सके.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों की एंट्री बंद
कांवड़ यात्रा को देखते हुए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है. कांवड़ियों की सुविधा के लिए कई जगह रास्तों को वन-वे किया गया है.
दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर और गंगा एक्सप्रेसवे पर भी कांवड़ियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है. प्रशासन ने दिल्ली रोड, हापुड़ रोड, रुड़की रोड, गढ़ रोड और दिल्ली-देहरादून हाईवे के कई कट बंद किए हैं.
कांवड़ यात्रा में इन चीजों पर रोक
कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होगा. कांवड़ रूट पर शराब की दुकानें और नॉनवेज की दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा तेज आवाज में डीजे बजाने और भड़काऊ गाने चलाने पर भी रोक लगाई गई है.
डीजे ट्रक, कार या कांवड़ वाहनों में भाला, तलवार या किसी भी तरह के धारदार हथियार ले जाने की अनुमति नहीं होगी. 4 अगस्त से 12 अगस्त के बीच दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और गंगनहर पटरी मार्ग पर भारी और मध्यम वाहनों की आवाजाही पर विशेष प्रतिबंध रहेगा.
कांवड़ियों के लिए खास इंतजाम
कांवड़ियों की सुविधा के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, एनएच-58 और गाजियाबाद-मेरठ रूट पर अलग व्यवस्था की गई है. पैदल चलने वाले कांवड़ियों के लिए सड़क का एक हिस्सा आरक्षित रहेगा.
आपातकालीन सेवाओं, एंबुलेंस और परिवहन निगम की बसों के लिए अलग डायवर्जन रूट तय किए गए हैं, ताकि लोगों को परेशानी न हो. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और सुरक्षित तरीके से अपनी यात्रा पूरी करें.
ये भी पढ़ें- रूस ने यूक्रेन पर बरपाया कहर, एक साथ कई शहरों पर दागी कई मिसाइलें, भारी तबाही की आशंका