Putin's Aurus vs Xi's Hongqi: ब्रिक्स सम्मेलन में रूस और चीन के राष्ट्रपति भारत पहुंचे हैं. व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग जैसे बड़े नेताओं की सुरक्षा हमेशा चर्चा में रहती है. इसी के साथ उनकी खास स्टेट कारें भी लोगों का ध्यान खींचती हैं. दोनों नेता विदेश यात्राओं के दौरान बेहद सुरक्षित और खास तौर पर तैयार की गई गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं. आइए जानते हैं कि पुतिन की ऑरस और जिनपिंग की हकी L5 में क्या खास है और इनमें कौन ज्यादा ताकतवर है.
शी जिनपिंग की हकी L5
शी जिनपिंग विदेश दौरे पर अपनी आधिकारिक स्टेट कार हकी L5 या उसके कस्टमाइज्ड मॉडल N701 का इस्तेमाल करते हैं. ‘हकी’ का मंदारिन में मतलब ‘लाल झंडा’ होता है. यह ब्रांड 1958 से चीन की पहचान और सरकारी प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है.
हकी L5 का वजन करीब 3,150 किलो और लंबाई लगभग 5.5 मीटर है. इसकी कीमत करीब 7 करोड़ रुपये बताई जाती है. कार का इंजन इसे 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार करीब 8 सेकंड में पहुंचा सकता है.
यह कार सिर्फ लग्जरी के लिए नहीं बनाई गई है. इसमें आर्मर प्लेट्स, मोटे बुलेटप्रूफ शीशे और एंटी-रॉकेट सुरक्षा दी गई है. जैविक और रासायनिक हमलों से बचाव के लिए खास एयर फिल्ट्रेशन सिस्टम भी मौजूद है. 360 डिग्री कैमरे और ऑल-व्हील ड्राइव इसे मुश्किल हालात में तेजी से निकलने में मदद करते हैं.
पुतिन की ऑरस कितनी सुरक्षित?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा को बेहद मजबूत माना जाता है. यूक्रेन युद्ध और 2022 में उनकी कार के पास हुई एक घटना के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की गई है.
पुतिन सड़क पर ऑरस कार से सफर करते हैं. करीब 6 टन वजन वाली इस रूसी कार को BR5 स्तर की बैलिस्टिक सुरक्षा से लैस बताया जाता है. इसमें 7.62 एमएम की गोलियों और ग्रेनेड ब्लास्ट से बचाव की क्षमता होने का दावा किया जाता है. यहां तक कि 6 किलो टीएनटी के धमाके से भी सुरक्षा के लिए इसे तैयार किया गया है.
कार में करीब 80 एमएम मोटा बुलेटप्रूफ ग्लास दिया गया है. इसके टायर पंक्चर होने के बाद भी यह करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 50 किलोमीटर तक चल सकती है.
ऑरस में 598 हॉर्सपावर का इंजन है, जो कार को करीब 6 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचा सकता है. इसमें सिग्नल जैमर, इमरजेंसी ऑक्सीजन जनरेटर और ड्रोन से बचाव जैसी सुरक्षा तकनीकें भी शामिल हैं.
काफिले में कई एक जैसी कारें
पुतिन के काफिले में एक जैसी करीब 10 से 15 ऑरस कारें भी शामिल रहती हैं. इसका मकसद सुरक्षा बढ़ाना और यह पता लगाना मुश्किल करना होता है कि राष्ट्रपति वास्तव में किस कार में सफर कर रहे हैं.
पुतिन की सुरक्षा सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं रहती. विदेश यात्राओं के दौरान हवाई सुरक्षा का भी खास इंतजाम किया जाता है.
पुतिन का ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’
हवाई सफर के लिए पुतिन इल्यूशिन-96 विमान का इस्तेमाल करते हैं, जिसे अक्सर ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ कहा जाता है. यह विमान करीब 15,000 किलोमीटर तक बिना रुके उड़ान भर सकता है और इसे उड़ते हुए बंकर की तरह तैयार किया गया है.
इसमें रडार से बचाव वाली कोटिंग, न्यूक्लियर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स यानी EMP से सुरक्षा और मिसाइल हमले से बचने के लिए डिफेंस सिस्टम जैसी सुविधाएं बताई जाती हैं. विमान के क्रू में रूसी सुरक्षा एजेंसी FSO के एजेंट भी शामिल रहते हैं.
कौन ज्यादा ताकतवर?
सुरक्षा के लिहाज से पुतिन की ऑरस को ज्यादा मजबूत माना जा सकता है, खासकर इसकी भारी बॉडी, बैलिस्टिक सुरक्षा और ज्यादा पावरफुल इंजन की वजह से. वहीं जिनपिंग की हकी L5 भी लग्जरी के साथ मजबूत सुरक्षा फीचर्स से लैस है. दोनों कारें अपने-अपने देशों के राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर खास तौर पर तैयार की गई हैं.
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