Rare Earth Metals: चीन ने अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले कुछ विशेष “ड्यूअल यूज” सामग्री पर लगाए गए प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया है. इनमें प्रमुख रूप से गैलियम, जर्मेनियम, एंटिमनी और सुपर-हार्ड मटेरियल्स जैसी सामग्रियां शामिल हैं. चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने रविवार, 9 नवंबर 2025 को इस निर्णय की जानकारी दी और बताया कि यह निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू होकर 27 नवंबर 2026 तक चलेगा. मंत्रालय ने फिलहाल इस निर्णय से जुड़ी कोई और विस्तार से जानकारी साझा नहीं की.
यह निर्णय पिछले साल दिसंबर 2024 में लगाए गए प्रतिबंधों के ठीक बाद आया है, जब चीन ने इन सामग्रियों के निर्यात पर सख्ती बढ़ा दी थी. तब से अमेरिकी कंपनियों को इन सामग्रियों की सप्लाई में व्यवधान का सामना करना पड़ा था और उन्हें यूरोप, दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य क्षेत्रों में नए सप्लायर्स खोजने पड़े थे.
अन्य निर्यात नियंत्रणों पर भी मिली राहत
चीन ने इस कदम के साथ ही कुछ अन्य निर्यात नियंत्रणों को भी अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की. इनमें दुर्लभ पृथ्वी तत्व (rare earth elements) और लिथियम बैटरी से जुड़ी सामग्रियां शामिल हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम चीन और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई उच्चस्तरीय वार्ता का परिणाम हो सकता है.
राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बैठक में दोनों नेताओं ने टैरिफ कटौती और अन्य व्यापारिक उपायों को एक वर्ष के लिए स्थगित करने पर सहमति जताई. इस वार्ता में दोनों नेताओं ने लगभग 1 घंटा 40 मिनट तक विस्तार से बातचीत की.
शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की बैठक
बैठक के दौरान ट्रंप ने शी जिनपिंग की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह “महान देश के महान नेता” हैं और उनके बीच लंबे समय तक मजबूत और सकारात्मक संबंध बने रहेंगे. वहीं, शी जिनपिंग ने कहा कि कई वर्षों के बाद ट्रंप से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई. यह मुलाकात ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में शी जिनपिंग से उनकी पहली मुलाकात थी. पिछली बार दोनों की मुलाकात 2019 में हुई थी, जब ट्रंप अपने पहले कार्यकाल में थे.
निर्यात प्रतिबंध हटाने का विस्तृत परिप्रेक्ष्य
इससे पहले, 9 अक्टूबर को चीन ने कुछ निर्यात प्रतिबंध लगाए थे, जिनमें मुख्य रूप से दुर्लभ धातुएं और लिथियम बैटरी सामग्री शामिल थीं. इन प्रतिबंधों का उद्देश्य अमेरिकी और अन्य देशों की तकनीकी और रक्षा परियोजनाओं पर चीन की रणनीतिक पकड़ बनाए रखना था. हालांकि, शुक्रवार को चीन ने घोषणा की कि इन प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. विशेषज्ञ इसे चीन द्वारा व्यापारिक तनाव को कम करने और अमेरिका के साथ आगे की बातचीत को आसान बनाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं.
चीन और अमेरिका के बीच हुए समझौते के तहत अगले एक साल तक दोनों देशों ने टैरिफ में कटौती करने और नए व्यापारिक कदमों से बचने पर सहमति जताई है. इसका उद्देश्य यह है कि बातचीत के दौरान व्यापारिक तनाव और बढ़ने से रोका जा सके और दोनों पक्षों के लिए लाभकारी माहौल बनाया जा सके.
इन धातुओं का वैश्विक महत्व
गैलियम और जर्मेनियम जैसी धातुओं का उपयोग सेमीकंडक्टर्स, फाइबर ऑप्टिक्स, सोलर पैनल, ऊर्जा उपकरणों और रक्षा प्रणालियों में किया जाता है. सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के अनुसार, इन धातुओं के उत्पादन में चीन का वैश्विक दबदबा बहुत बड़ा है. उदाहरण के लिए, दुनिया में इस्तेमाल होने वाले प्राइमरी गैलियम का लगभग 98 प्रतिशत उत्पादन चीन से ही होता है.
एंटिमनी और सुपर-हार्ड मटेरियल्स भी उन्नत तकनीक और रक्षा उपकरणों में अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं. इन सामग्रियों पर चीन का नियंत्रण अमेरिका और अन्य देशों के लिए सप्लाई चेन और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
इस कदम से अमेरिकी कंपनियों और तकनीकी उद्योग को राहत मिलेगी और वैश्विक बाजार में इन सामग्रियों की आपूर्ति स्थिर रहेगी. साथ ही, यह चीन और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापारिक और कूटनीतिक संवाद को भी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का संकेत है.
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