झारखंड की दनुआ घाटी में दर्दनाक हादसा; ट्रक की टक्कर से खाई में गिरी कार, 5 लोगों की मौत

झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र में स्थित दनुआ घाटी में एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक ही परिवार के 5 लोग जान से हाथ धो बैठे.

Jharkhand Hazaribagh Danua valley accident 5 people died
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झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र में स्थित दनुआ घाटी में एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक ही परिवार के 5 लोग जान से हाथ धो बैठे. तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से सेलेरियो कार खाई में गिर गई और इसके बाद पीछे आ रहे ट्रक ने भी कार को टक्कर मार दी, जिससे सभी की मौत हो गई. यह हादसा इलाके में एक और सवाल खड़ा करता है कि दनुआ घाटी जैसी खतरनाक सड़क पर दुर्घटनाओं की संख्या क्यों बढ़ती जा रही है, और सरकार इस समस्या का समाधान कब करेगी?

हादसे में मारे गए पांच लोग

इस हादसे में मृतक सभी एक ही परिवार के सदस्य थे. मृतकों में दो पुरुष, एक महिला और एक बच्चा शामिल है. जानकारी के अनुसार, कार धनबाद की ओर जा रही थी, जब अचानक यह दनुआ घाटी में दुर्घटना का शिकार हो गई. दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन ट्रक चालक मौके से फरार हो गए थे. कार की हालत इतनी गंभीर थी कि अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला. हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे, और राहत कार्य जारी किया गया.

दनुआ घाटी में बढ़ते हादसों पर सवाल

दनुआ घाटी को अब स्थानीय लोग "मौत की घाटी" के रूप में जानते हैं, क्योंकि यहां हर साल दर्जनों दुर्घटनाएं होती हैं. यह सड़क अपने खतरनाक मोड़ों और तेज ढलानों के लिए प्रसिद्ध है, जिस कारण यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है. हालांकि, हर बार हादसों के बाद इस मुद्दे को उठाया जाता है, लेकिन समाधान के नाम पर कुछ खास नहीं होता. इस बार भी इस दुर्घटना ने लोगों को फिर से यह सवाल उठाने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक दनुआ घाटी में ऐसे हादसों का सिलसिला चलता रहेगा?

राहत और बचाव कार्य में देरी

हादसे के बाद स्थानीय लोग और बचाव दल पूरी कोशिश कर रहे हैं कि घायल व्यक्तियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके और बाकी बचाव कार्य जल्दी पूरा किया जाए. लेकिन यह सवाल भी उठता है कि इस घाटी में हादसों को रोकने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं. दनुआ घाटी का यह हादसा सिर्फ एक उदाहरण है, जो यह बताता है कि सड़क सुरक्षा के मामले में सरकार की लापरवाही के कारण लोगों की जिंदगियां खतरे में पड़ रही हैं.

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