जम्मू-कश्मीर के विधायकों के लिए खुशखबरी है. स्पीकर अब्दुल रहीम राथर द्वारा गठित हाउस कमेटी ने विधायकों की सैलरी, भत्तों और पेंशन बेनिफिट्स में भारी बढ़ोतरी की सिफारिश की है. कमेटी का कहना है कि यह बदलाव राज्य के विधायकों के कामकाज और जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है.
सैलरी में बड़ा इजाफा
रिवीजन कमेटी ने विधायकों की मौजूदा मासिक सैलरी 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की सिफारिश की है. इसमें निर्वाचन क्षेत्र वाहन भत्ता, टेलीफोन भत्ता, चिकित्सा भत्ता, सत्कार भत्ता और सचिवालय सहायता भत्ता शामिल हैं. इससे विधायक अब हर महीने कुल 3 लाख रुपये तक प्राप्त करेंगे.
भत्तों और पेंशन में बदलाव
कमीशन ने हाउसिंग लोन और कार एडवांस में भी बड़ा इजाफा करने की सिफारिश की है. हाउसिंग लोन 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये और कार एडवांस 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये किया जा सकता है. इसके अलावा, पूर्व विधायकों के लिए पेंशन को 1.10 लाख रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव रखा गया है.
व्यक्तिगत सहायक और अन्य फायदे
विधायकों के पर्सनल असिस्टेंट को भी वर्तमान 12,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह देने का सुझाव दिया गया है. इससे विधायकों को उनके कामकाज में और सुविधा मिलेगी और उनका प्रशासनिक सहयोग मजबूत होगा.
मुख्यमंत्री, स्पीकर और मंत्रियों की सैलरी में संशोधन
कमेटी ने यह भी सुझाव दिया है कि मुख्यमंत्री, स्पीकर, मंत्रियों और विपक्ष के नेता की सैलरी को विधायकों की सैलरी के अनुसार संशोधित किया जाए. प्रस्तावित बदलाव 1 नवंबर, 2024 से लागू होने का सुझाव दिया गया है.
भत्तों में बढ़ोतरी की जरूरत
कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों और अन्य कार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान भत्ते पर्याप्त नहीं हैं. विशेषकर निर्वाचन क्षेत्र वाहन भत्ता को बढ़ाना जरूरी है, जिससे विधायक अपने क्षेत्र के दौरे और कामकाज की जरूरी खर्चों को पूरा कर सकें.
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