जयपुर के मानसरोवर इलाके में विवाहिता अनु मीणा की संदिग्ध मौत का मामला अब बेहद गंभीर होता जा रहा है. शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना गया था, लेकिन बाद में सामने आए सीसीटीवी फुटेज और परिवार के आरोपों ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच अब उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है और इसकी जांच एसीपी आदित्य काकड़े कर रहे हैं.
मृतका के भाई ने लगाए गंभीर आरोप
अनु मीणा के भाई नीरज ने मीडिया और पुलिस के सामने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि पीडब्ल्यूडी में एक्सईएन पद पर तैनात गौतम मीणा के कई महिलाओं के साथ संबंध थे. नीरज के मुताबिक अनु ने एक बार अपने पति को घर में काम करने वाली घरेलू सहायिका के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था. इसके बाद घर में विवाद बढ़ गया और अनु को लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा.
परिवार का आरोप है कि अनु पर दबाव बनाया जाता था ताकि वह किसी से कुछ न कह सके.
दहेज और पैसों की मांग का आरोप
मृतका के परिवार ने आरोपी पति पर लगातार पैसों की मांग करने का आरोप लगाया है. नीरज का कहना है कि शादी में लाखों रुपये और जेवर देने के बावजूद गौतम मीणा की मांगें खत्म नहीं हुईं.
उन्होंने दावा किया कि साल 2022 में भी आरोपी को बड़ी रकम दी गई थी. परिवार के पास ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट और पैसों के लेनदेन से जुड़े सबूत मौजूद हैं, जिन्हें पुलिस को सौंप दिया गया है.
बच्चों ने सुनाई घर की कहानी
मामले में भावुक मोड़ तब आया जब अनु मीणा के दोनों बच्चों ने पुलिस के सामने बयान दिए. 10 साल के बेटे और 8 साल की बेटी ने बताया कि उनके पिता उनकी मां के साथ मारपीट करते थे और उन्हें प्रताड़ित किया जाता था.
परिवार का कहना है कि बच्चे इस समय डरे हुए हैं. मृतका के नाना रोहिताश मीणा और नानी माया देवी ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उनकी कस्टडी मायके पक्ष को देने की मांग की है.
CCTV फुटेज से बढ़ी मुश्किलें
जांच के दौरान एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें अनु मीणा के साथ मारपीट होने के दृश्य होने का दावा किया जा रहा है. इसके अलावा मार्च 2026 में रसोई गैस छोड़कर पत्नी और बच्चों को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश का मामला भी चर्चा में है.
इन सबूतों के सामने आने के बाद पुलिस जांच और तेज कर दी गई है.
ACP आदित्य काकड़े को सौंपी गई जांच
मानसरोवर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 128 और 85 के तहत मामला दर्ज किया है. केस की गंभीरता को देखते हुए अब जांच की जिम्मेदारी एसीपी आदित्य काकड़े को दी गई है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, बच्चों के बयान और सीसीटीवी फुटेज जैसे सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
कैसे सामने आया मामला?
जानकारी के अनुसार 7 अप्रैल को अनु मीणा ने अपने घर में आत्महत्या कर ली थी. शुरुआत में इसे सामान्य आत्महत्या माना गया, लेकिन बाद में परिवार को मृतका के मोबाइल फोन में घर के सीसीटीवी फुटेज मिले.
फुटेज देखने के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और मामले में नई शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद केस ने नया मोड़ ले लिया और अब पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है.
ये भी पढ़ें- Heatwave: दिन की धूप से भी ज्यादा खतरनाक हो रही रात की गर्मी! नींद और सेहत पर डबल अटैक की चेतावनी