भारत और इटली के संबंध एक बार फिर चर्चा में हैं. इटली के डिप्टी प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी इन दिनों भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, और उनके इस दौरे ने द्विपक्षीय साझेदारी में नई ऊर्जा भर दी है. बुधवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई उनकी मुलाकात को तजानी ने “बहुत सकारात्मक और बेहद उपयोगी” बताया.
तजानी ने अपनी मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की ओर से औपचारिक निमंत्रण सौंपा. उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने इस आमंत्रण पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, हालांकि यात्रा की तारीख पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. तजानी के अनुसार यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को अगले स्तर तक ले जाने में बेहद अहम साबित होगा.
भारत–इटली रिश्ते नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं
तजानी का कहना है कि भारत और इटली के बीच साझेदारी पहले से कहीं अधिक मज़बूत हो रही है. आने वाले वर्षों में व्यापार, तकनीक, रक्षा, संस्कृति और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से प्रगति देखने को मिल सकती है. उनके अनुसार भारत वैश्विक नेतृत्व में उभरता हुआ प्रमुख देश है, और इटली इस सहयोग को और गहराई देना चाहता है.
#WATCH | Delhi: On his meeting with PM Modi, Italy's Deputy PM & Minister of Foreign Affairs and International Cooperation, Antonio Tajani says, "...In the name of my PM, Giorgia Meloni, I invited the PM for a trip to Italy. The answer has been 'Yes'. In 2026, he will be in my… pic.twitter.com/EhhYbVjmEY
— ANI (@ANI) December 11, 2025
मेलोनी की भारत यात्रा पर क्या बोले तजानी?
जब उनसे पूछा गया कि इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भारत कब आएंगी, तो तजानी ने कहा कि 2026 की यात्रा पर चर्चा चल रही है, लेकिन तारीख को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. उन्होंने संकेत दिया कि यह यात्रा दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकती है.
मोदी–तजानी मुलाकात में किन मुद्दों पर बात हुई?
दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने इंडस्ट्रियल सहयोग, तकनीकी विकास, सांस्कृतिक आदान–प्रदान, व्यापारिक विस्तार और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की. तजानी ने खास तौर पर यूक्रेन–रूस युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत इस संकट में शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. उनके अनुसार भारत की बढ़ती वैश्विक साख इस दिशा में सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है.
मेलोनी–मोदी के रिश्ते कैसे बने खास?
पिछले तीन सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की कई महत्वपूर्ण मुलाकातें हुईं, जिसने दोनों देशों की कूटनीतिक दोस्ती को खास पहचान दी. बाली में पहली मुलाकात से लेकर G20 और G7 सम्मेलनों तक दोनों नेता एक-दूसरे से लगातार संवाद में रहे.2024 में दोनों देशों ने “इंडिया–इटली ज्वाइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025–2029” की घोषणा कर द्विपक्षीय संबंधों में बड़ा कदम उठाया. 2025 में जोहान्सबर्ग G20 शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं ने आतंकवाद की फंडिंग के खिलाफ संयुक्त पहल की भी घोषणा की.
सहयोग का नया अध्याय शुरू
तजानी के इस दौरे ने साफ कर दिया है कि भारत और इटली आने वाले समय में कई क्षेत्रों में साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं. चाहे यह व्यापार वृद्धि हो, रणनीतिक साझेदारी हो या सांस्कृतिक जुड़ाव—दोनों देशों के बीच रिश्तों का यह नया अध्याय भविष्य में बड़े बदलाव और अवसर लेकर आ सकता है.
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