गाजा में इजरायल ने मचाई भयंकर तबाही, मलबा हटाने में लगेंगे 10 साल; UN की रिपोर्ट आई सामने

Israel Hamas War: आज गाजा युद्ध को दो साल पूरे हो चुके हैं. लेकिन ज़मीन पर हालात अब भी वैसे ही हैं, या शायद पहले से भी बदतर. एक इलाका जो कभी खेतों की हरियाली, बच्चों की हंसी और रोज़मर्रा की ज़िंदगी की चहल-पहल से भरा था, अब सिर्फ मलबे, मौत और मायूसी की पहचान बन चुका है.

Israel terrible destruction in Gaza take 10 years to remove the debris UN report came out
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Israel Hamas War: आज गाजा युद्ध को दो साल पूरे हो चुके हैं. लेकिन ज़मीन पर हालात अब भी वैसे ही हैं, या शायद पहले से भी बदतर. एक इलाका जो कभी खेतों की हरियाली, बच्चों की हंसी और रोज़मर्रा की ज़िंदगी की चहल-पहल से भरा था, अब सिर्फ मलबे, मौत और मायूसी की पहचान बन चुका है.

संयुक्त राष्ट्र (UN) की नई रिपोर्ट में गाजा की तबाही का जो खाका खींचा गया है, वो दिल दहला देने वाला है. रिपोर्ट कहती है कि गाजा में इजराइली हमलों की वजह से 80% इमारतें पूरी तरह से तबाह हो चुकी हैं. इस तबाही से हुए नुकसान का अनुमान 4.5 ट्रिलियन डॉलर (यानी करीब 373 लाख करोड़ रुपये) लगाया गया है. गाजा की सड़कों, घरों, स्कूलों और अस्पतालों के नाम पर अब सिर्फ 5.1 करोड़ टन मलबा बाकी रह गया है.

10 साल तक हटता रहेगा मलबा

रिपोर्ट में कहा गया है कि मलबा हटाने के लिए जो भारी मशीनें और संसाधन चाहिए, उनकी पहुंच गाजा तक फिलहाल मुश्किल है. ऐसे में कम से कम 10 साल लगेंगे इस मलबे को हटाने में. इसके बाद ही पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी.

गाजा की उपजाऊ जमीन भी नहीं रही अब ‘उपजाऊ’

गाजा की मिट्टी कभी पूरे इलाके को अन्न देने वाली थी. स्ट्रॉबेरी, टमाटर, खीरा जैसे फल-सब्ज़ियां यहां से निर्यात होती थीं. लेकिन अब हालात ये हैं कि 98.5% कृषि भूमि नष्ट हो चुकी है. 1500 एकड़ में से सिर्फ 232 एकड़ ज़मीन ही खेती लायक बची है. यहां का वातावरण, मिट्टी और जल, सब कुछ अब रसायनों और विस्फोटकों के ज़हर से संक्रमित हो चुका है. सिंचाई के 83% कुएं बंद हो चुके हैं और बाकी भी प्रदूषित हो चुके हैं.

मानवीय त्रासदी अपने चरम पर

गाजा की 90% आबादी बेघर है, अस्पतालों का 94% हिस्सा तबाह हो चुका है और 90% स्कूलों का कोई वजूद नहीं बचा. 23 लाख की आबादी में से आधे से ज़्यादा लोग भुखमरी का शिकार हैं. पूरे क्षेत्र का 80% हिस्सा अब मिलिट्री जोन में तब्दील हो चुका है.

इजराइल-हमास संघर्ष की भयावह कीमत

इस युद्ध की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजराइल पर किए गए हमले से हुई थी. इसमें 1200 इजराइली मारे गए और 251 को बंधक बना लिया गया. वहीं जवाबी कार्रवाई में अब तक 66,158 फिलिस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें 18,430 मासूम बच्चे शामिल हैं. लगभग 39,000 से ज्यादा बच्चों ने अपने मां-बाप में से किसी एक को खो दिया है.

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