गाजा पट्टी में एक अंतिम यात्रा के दौरान हुए हमले में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 अन्य घायल हो गए. यह हमला उस समय हुआ, जब लोग पहले मारे गए एक फिलिस्तीनी व्यक्ति के जनाजे में शामिल थे.
नुसेरात शरणार्थी शिविर स्थित अवदा अस्पताल ने बताया कि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया है. घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है. इस मामले पर इजराइली सेना की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
संघर्षविराम के बाद भी जारी है हिंसा
इजराइल और हमास के बीच अक्टूबर में संघर्षविराम लागू हुआ था, लेकिन इसके बावजूद गाजा में हिंसा पूरी तरह नहीं रुकी है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्षविराम लागू होने के बाद से अब तक 1,100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
महिलाओं और बच्चों की सबसे ज्यादा मौत
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि हाल के महीनों में मारे गए लोगों में महिलाओं और बच्चों की संख्या सबसे अधिक है. वहीं, इजराइल का कहना है कि उसकी कार्रवाई हमास और दूसरे सशस्त्र समूहों की ओर से किए गए हमलों और युद्धविराम के उल्लंघन के जवाब में की जा रही है.
इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, संघर्षविराम लागू होने के बाद अब तक पांच इजराइली सैनिक भी मारे गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गंभीर आरोप
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र जांच में आरोप लगाया गया है कि गाजा में बच्चों को भी जानबूझकर निशाना बनाया गया. हालांकि इजराइल इन आरोपों से इनकार करता है और कहता है कि उसकी सैन्य कार्रवाई सुरक्षा कारणों से की जा रही है.
तीन साल से जारी है संघर्ष
यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास के नेतृत्व में दक्षिणी इजराइल पर बड़ा हमला किया गया. इजराइल के अनुसार, उस हमले में करीब 1,200 लोगों की मौत हुई थी और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था.
वहीं गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 73 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं. इनमें संघर्षविराम के बाद मारे गए लोग भी शामिल हैं.
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