इजरायल और अमेरिका पर मंडराया खतरा! ईरान बढ़ा रहा खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइलों का जखीरा

Iran Ballistic Missiles: मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है. हाल ही में तेहरान पर हुए इजरायली हवाई हमलों के बाद, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपनी दो स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइलें और उन लॉन्चरों को सार्वजनिक किया है, जिनपर 12 दिनों तक चले इस संघर्ष के दौरान हमले किए गए थे.

Israel and America face a threat! Iran is increasing its stockpile of dangerous ballistic missiles
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Iran Ballistic Missiles: मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है. हाल ही में तेहरान पर हुए इजरायली हवाई हमलों के बाद, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपनी दो स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइलें और उन लॉन्चरों को सार्वजनिक किया है, जिनपर 12 दिनों तक चले इस संघर्ष के दौरान हमले किए गए थे. यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय बन गया है.

सरकारी आईआरआईबी टीवी की रिपोर्ट में आईआरजीसी के एयरोस्पेस बलों से संबंधित दो प्रमुख मिसाइलें, इमाद और कद्र दिखाए गए. खास बात यह है कि कद्र मिसाइल को इलेक्ट्रॉनिक युद्ध रोधी उपकरणों से लैस किया गया है, जो इसे दुश्मनों की तकनीकी बाधाओं से बचाने में सक्षम बनाता है. आईआरजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उनकी मिसाइल शक्ति हर घंटे बढ़ रही है और नए लॉन्चर युद्ध के आदेश मिलने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हैं.

13 जून के इजरायली हवाई हमलों का बैकग्राउंड

13 जून को इजरायल ने अचानक तेहरान सहित ईरान के कई इलाकों पर एयर स्ट्राइक की, जिसमें प्रमुख सैन्य और परमाणु ठिकाने निशाने पर थे. इस हमले में आईआरजीसी के कई वरिष्ठ कमांडर, परमाणु वैज्ञानिक और नागरिक मारे गए. आईआरजीसी ने इस हमले में अपने खुफिया प्रमुख मोहम्मद काजमी और डिप्टी हसन मोहाघेग के मारे जाने की पुष्टि की थी. इस हमले ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को गहरा झटका दिया.

वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की हताहत संख्या

इन हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी भी शहीद हुए. आईआरजीसी के चीफ कमांडर हुसैन सलामी, सेना के चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बाघेरी, खतम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के कमांडर गुलाम अली राशिद और एयरोस्पेस डिवीजन के कमांडर अमीर अली हाजीजादेह भी इस हमले में मारे गए. इसके अलावा, कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी जैसे महमूद बाघेरी, दावूद शेखियन और मंसूर सफ़रपुर भी शहीद हुए, जिनकी मौत ने ईरानी सैन्य कमान में भारी प्रभाव डाला.

ईरानी जवाबी कार्रवाई: मिसाइल और ड्रोन हमले

इस भारी नुकसान के बाद, ईरान ने भी पलटवार किया. कई मिसाइल दागीं गईं और ड्रोन हमलों का सहारा लिया गया. इन जवाबी हमलों ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया. आखिरकार, 24 जून को दोनों पक्षों ने युद्धविराम की घोषणा की, लेकिन इस बीच हुए नुकसान और खुलासे मध्य पूर्व के लिए गंभीर संकेत हैं.

आईआरजीसी की बढ़ती मिसाइल ताकत और तैयारी

आईआरजीसी के एयरोस्पेस फोर्स के वरिष्ठ कमांडर ने स्पष्ट किया है कि उनकी मिसाइल क्षमताएं लगातार विकसित हो रही हैं और नई उन्नत मिसाइलें युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हैं. यह संकेत देता है कि ईरान अपने सैन्य ढांचे को मजबूत करने और किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह सजग है.

क्षेत्रीय तनाव और भविष्य की संभावनाएं

इस खुलासे के बाद से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. इजरायल और ईरान के बीच पुराने विवाद और हाल की घटनाओं ने दोनों देशों के बीच शत्रुता को और गहरा कर दिया है. विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ सकता है, जो न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय है.

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