तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अपने पड़ोसी देशों पर किए गए हमलों के लिए माफी मांगी है. यह बयान शनिवार सुबह सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित किए गए एक पहले से रिकॉर्ड किए गए भाषण में दिया गया. यह माफी बहरीन, सऊदी अरब और यूएई पर हुए बार-बार हमलों के बाद आई है, जिनसे मध्य-पूर्व में एक नई अस्थिरता का माहौल बन गया है.
ईरान के राष्ट्रपति का माफी का शर्तीय बयान
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए माफी मांगते हुए कहा कि 'तेहरान इन हमलों को रोकेगा और कहा कि ये हमले रैंकों में गलतफहमी की वजह से हुए थे.' ईरान के राष्ट्रपति ने शर्त रखते हुए आगे कहा, 'हम पड़ोसी देशों पर तब तक हमला नहीं करेंगे, जब तक पड़ोसी देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए नहीं किया जाता.'
अमेरिका से ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिका द्वारा ईरान से बिना शर्त सरेंडर की मांग पर राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कड़ा विरोध जताया. उन्होंने कहा, "अमेरिका का यह सपना है कि ईरान बिना शर्त सरेंडर कर दे, जो वह अपनी कब्र तक साथ ले जाएगा." उनका यह बयान ट्रंप द्वारा की गई उस टिप्पणी के बाद आया था, जिसमें कहा गया था कि जब तक ईरान पूरी तरह से झुक नहीं जाता, तब तक कूटनीतिक रास्ता संभव नहीं है.
अमेरिका का ईरान को चेतावनी और इजरायल पर हमले
अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह आने वाले समय में बमबारी अभियान शुरू कर सकता है, जो कि एक हफ्ते तक चलने वाले संघर्ष में अब तक का सबसे तेज़ हमला हो सकता है. इस बीच, अमेरिकी अधिकारियों ने इजरायल को 151 मिलियन डॉलर के नए हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी है. यह कदम अमेरिकी-इजरायल गठबंधन को और मजबूत करता है, खासकर ईरान के खिलाफ उनकी मिलिट्री रणनीतियों के संदर्भ में. इसके बावजूद, ईरान ने अपनी रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है, जो कि दुनिया भर के देशों के लिए एक गंभीर संकेत है.
ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइल हमला
ईरान ने हाल ही में इजरायल पर मिसाइलें दागी हैं, जिससे यरुशलम में तेज धमाके सुनाई दिए. इन हमलों के बाद इजरायल के लोग बम शेल्टर की ओर दौड़ पड़े. हालांकि, इजरायल की इमरजेंसी सेवाओं से अभी तक किसी के हताहत होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. यह घटना इस बात का संकेत देती है कि क्षेत्रीय तनाव किस हद तक बढ़ चुका है और सुरक्षा के लिहाज से स्थितियां बेहद संवेदनशील हो गई हैं.
नए तनाव और भविष्य की दिशा
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान के हालिया हमलों ने क्षेत्रीय स्थिति को और जटिल बना दिया है. इस समय में, किसी भी प्रकार की कूटनीतिक हल की संभावना बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते हुए शत्रुता के बीच, ऐसे समय में ईरान की माफी और शर्तों के साथ किए गए बयान को महत्वपूर्ण माना जा सकता है. यह भी सवाल उठता है कि क्या ये बयान क्षेत्रीय शांति के लिए कोई सकारात्मक दिशा दे पाएंगे या फिर इन विवादों के और बढ़ने का खतरा होगा.
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