तेहरान: अमेरिका की ओर से ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद अब ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा है कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी कमांड और कंट्रोल सेंटर और ड्रोन हैंगर को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया है. ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है.
इस बीच खाड़ी देशों में भी तनाव बढ़ गया है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और कतर में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं.
UAE, बहरीन और कतर में हमले का दावा
UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ईरान से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोकने में सक्रिय है. वहीं बहरीन में हवाई हमले के सायरन बजने के बाद लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई.
कतर की राजधानी दोहा में भी धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबर है. कतर सरकार ने लोगों के मोबाइल पर सुरक्षा अलर्ट जारी किया. अधिकारियों का कहना है कि उसकी सेना ने एक मिसाइल हमले को हवा में ही रोक दिया.
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की कार्रवाई
ईरान की यह कार्रवाई अमेरिका के उन हमलों के बाद हुई है, जिनमें अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था.
अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान में करीब 140 सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया. यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले के बाद की गई थी. इस हमले में जहाज को भारी नुकसान पहुंचा था और चालक दल के एक सदस्य के लापता होने की खबर भी सामने आई थी.
अमेरिका ने इन ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेना ने बताया कि उसके हमलों में ड्रोन ठिकानों, नौसैनिक सुविधाओं, हथियार रखने वाली जगहों, संचार केंद्रों और तटीय निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया गया.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान ने गलत फैसला लिया है और अब उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है. वहीं ईरान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए जवाबी कार्रवाई जारी रखने का संकेत दिया है.
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