Israel News: मध्य पूर्व की राजनीति में पिछले 24 घंटों के दौरान कई बड़े घटनाक्रम देखने को मिले हैं, जिन्हें इजराइल के लिए बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता माना जा रहा है. ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते की चर्चा के बीच इजराइल को लगातार तीन बड़ी खुशखबरियां मिली हैं. इनमें अब्राहम समझौते को लेकर अमेरिका की नई पहल, सोमालीलैंड का यरूशलेम में दूतावास खोलने की तैयारी और साइप्रस चुनाव में इजराइल समर्थक पार्टी की जीत शामिल है.
अब्राहम समझौते को लेकर अमेरिका की बड़ी पहल
सूत्रों के मुताबिक अमेरिका ने कतर, पाकिस्तान और सऊदी अरब जैसे देशों से अपील की है कि वे ईरान युद्ध के बाद यरूशलेम को मान्यता दें और अब्राहम समझौते में शामिल हों. माना जा रहा है कि अमेरिका मध्य पूर्व में नए राजनीतिक समीकरण तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है.
अब्राहम समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान तैयार किया गया था. इसका उद्देश्य मुस्लिम देशों और इजराइल के बीच रिश्तों को सामान्य बनाना था. उस समय संयुक्त अरब अमीरात ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. अब अमेरिका की कोशिश है कि और मुस्लिम देश भी इस पहल का हिस्सा बनें.
रिपोर्ट्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों के नेताओं से बातचीत कर इजराइल के साथ संबंध मजबूत करने की अपील की है. माना जा रहा है कि ईरान के साथ संभावित समझौते के बाद मध्य पूर्व की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
सोमालीलैंड खोल सकता है यरूशलेम में दूतावास
इजराइल के लिए दूसरी बड़ी खबर अफ्रीका क्षेत्र से आई है. हाल ही में इजराइल ने सोमालिया से अलग माने जा रहे क्षेत्र सोमालीलैंड को मान्यता दी है. इसके बाद अब खबरें हैं कि सोमालीलैंड यरूशलेम में अपना दूतावास खोलने की तैयारी कर रहा है.
हालांकि इस कदम का कई अरब देशों ने विरोध किया है, लेकिन इजराइल इसे अपनी बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में देख रहा है. माना जा रहा है कि इससे अफ्रीका और मध्य पूर्व क्षेत्र में इजराइल की पकड़ और मजबूत हो सकती है.
साइप्रस चुनाव में इजराइल समर्थक पार्टी की जीत
इजराइल के लिए तीसरी राहत साइप्रस से मिली है. वहां हुए चुनाव में डीवाईएसआई पार्टी को बड़ी सफलता मिली है. यह पार्टी दक्षिणपंथी विचारधारा के लिए जानी जाती है और खुले तौर पर इजराइल समर्थक रुख रखती रही है.
पार्टी के नेताओं ने कई मंचों से इजराइल की नीतियों की तारीफ की है. साइप्रस में इस राजनीतिक बदलाव को तुर्की के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि तुर्की और इजराइल के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं.
ईरान-अमेरिका समझौते पर क्या है स्थिति
इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते को लेकर भी लगातार चर्चा जारी है. प्रस्तावित समझौते के अनुसार ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. इसके साथ ही उसने संवर्धित यूरेनियम को खत्म करने का भरोसा भी अमेरिका को दिया है. इजराइल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताता रहा है.
इजराइल का मानना है कि ईरान और उसके समर्थित समूह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं. इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा. इसे इजराइल की रणनीतिक जीत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
मध्य पूर्व में बदल रहे हैं समीकरण
मध्य पूर्व की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह साफ माना जा रहा है कि आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति में बड़े बदलाव संभव हैं. अमेरिका, इजराइल और कई अरब देशों के बीच नए रिश्ते बनने की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं.
दूसरी ओर तुर्की और इजराइल के बीच तनाव अभी भी कायम है. ऐसे में साइप्रस और सोमालीलैंड जैसे क्षेत्रों में बढ़ती सक्रियता को इजराइल की नई क्षेत्रीय रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
ये भी पढ़ें- Ebola Virus: फिर लौट आया 11 हजार लोगों की जान लेने वाला वायरस, मिले 101 पॉजिटिव केस, हालात बेकाबू!