ईरान का नया दांव! होर्मुज में टोल नहीं, अब ऐसा वसूलेगा जहाजों से पैसा; क्या अमेरिका से हो पाएगी डील?

Iran US Deal Update: अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम परमाणु समझौते की चर्चाओं के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नया विवाद सामने आ गया है. अमेरिका की ओर से समझौते के तहत ईरान को होर्मुज में जहाजों से टोल वसूलने पर रोक लगाने की बात कही गई थी, लेकिन अब ईरान ने नया रास्ता निकाल लिया है.

Iran America No toll in Hormuz money will be collected in the name of security and environment fee
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Iran US Deal Update: अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम परमाणु समझौते की चर्चाओं के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नया विवाद सामने आ गया है. अमेरिका की ओर से समझौते के तहत ईरान को होर्मुज में जहाजों से टोल वसूलने पर रोक लगाने की बात कही गई थी, लेकिन अब ईरान ने नया रास्ता निकाल लिया है. ईरान का कहना है कि वह सीधे तौर पर टोल टैक्स नहीं लेगा, बल्कि सुरक्षा सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण के नाम पर शुल्क वसूलेगा.

ईरान बोला- टोल नहीं, सेवा शुल्क लेंगे

सोमवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “टोल टैक्स” शब्द का इस्तेमाल पश्चिमी मीडिया द्वारा ईरान को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को समझौते के बाद पूरी तरह खोल दिया जाएगा, लेकिन जहाजों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए दी जाने वाली सेवाओं का शुल्क लिया जाएगा. बाघेई ने कहा कि समुद्री मार्गों को सुरक्षित और स्वच्छ रखना सभी देशों की जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य से ईरान नई व्यवस्था लागू करेगा.

ओमान के साथ मिलकर जारी होगा नया प्रोटोकॉल

ईरान ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही ओमान के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य के संचालन को लेकर एक नया प्रोटोकॉल जारी किया जाएगा. इस प्रस्तावित व्यवस्था में जहाजों को दी जाने वाली सुरक्षा सुविधाओं और पर्यावरण सेवाओं के बदले भुगतान लेने की बात शामिल होगी.

ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार आने वाले दिनों में इसकी पूरी रूपरेखा सार्वजनिक की जाएगी. ईरान का दावा है कि उसका उद्देश्य जलडमरूमध्य को सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त बनाए रखना है.

दुनिया की तेल सप्लाई का बड़ा रास्ता है होर्मुज

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है. फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले इस रास्ते से दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई गुजरती है. 

सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और इराक जैसे देश इसी समुद्री मार्ग से तेल और गैस का निर्यात करते हैं. यही वजह है कि होर्मुज में किसी भी तरह का तनाव या शुल्क व्यवस्था वैश्विक बाजारों और ऊर्जा कीमतों को सीधे प्रभावित करती है.

युद्ध के बाद ईरान ने शुरू की थी टोल व्यवस्था

बताया जा रहा है कि 28 फरवरी 2026 से पहले तक होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता था. हालांकि अमेरिका के साथ तनाव और संघर्ष के बाद ईरान ने सुरक्षा के नाम पर जहाजों से शुल्क वसूलना शुरू कर दिया.

अंतरिम समझौते में क्या है खास?

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम परमाणु समझौते पर सहमति बन चुकी है और इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द हो सकती है. समझौते के तहत ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने का आश्वासन दिया है.

इसके बदले अमेरिका ईरान पर लगे कई आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने को तैयार हुआ है. साथ ही ईरान को तेल निर्यात की अनुमति और जब्त की गई कुछ आर्थिक संपत्तियां वापस लौटाने की बात भी कही गई है.

होर्मुज को लेकर दुनिया की नजरें टिकीं

मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति को देखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है. यदि ईरान सुरक्षा और पर्यावरण शुल्क लागू करता है, तो आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल कीमतों पर इसका असर पड़ सकता है. फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौते की आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद होर्मुज को लेकर स्थिति और साफ हो सकेगी.

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