IPL 2026: बस 18 गेंदों पर 28 रन... और विराट कोहली ने तोड़ दिया ये रिकॉर्ड, रोहित शर्मा को पछाड़ा

Virat Kohli Records: आईपीएल 2026 में 5 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में विराट कोहली बल्ले से बड़ी पारी नहीं खेल सके.

IPL 2026 28 runs in just 18 balls and Virat Kohli broke this record overtook Rohit Sharma
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Virat Kohli Records: आईपीएल 2026 में 5 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में विराट कोहली बल्ले से बड़ी पारी नहीं खेल सके. उन्होंने 18 गेंदों पर 28 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 1 छक्का शामिल रहा. उनकी पारी को तेज गेंदबाज अंशुल कम्बोज ने समाप्त किया.

हालांकि यह पारी बड़ी नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद कोहली ने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जिसने इस मैच को उनके लिए खास बना दिया.

टी20 क्रिकेट में रचा इतिहास

विराट कोहली ने इस मुकाबले में एक बड़ा मुकाम हासिल करते हुए टी20 क्रिकेट में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. चेन्नई के खिलाफ उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है और इसी निरंतरता ने उन्हें इस खास उपलब्धि तक पहुंचाया.

अब कोहली के नाम चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 37 टी20 मैचों में 1188 रन दर्ज हो गए हैं. इस दौरान उनका औसत 37.12 का रहा है और उन्होंने 10 अर्धशतक भी जड़े हैं. यह आंकड़ा इस बात का सबूत है कि उन्होंने लंबे समय तक एक ही टीम के खिलाफ निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया है.

रोहित शर्मा का रिकॉर्ड टूटा

इससे पहले यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम था, जिन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 36 मैचों में 1161 रन बनाए थे. रोहित ने इस दौरान 1 शतक और 7 अर्धशतक भी लगाए थे.

कोहली को इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए सिर्फ 2 रन की जरूरत थी, जिसे उन्होंने मैच के शुरुआती ओवर में ही हासिल कर लिया. जैसे ही उन्होंने यह आंकड़ा पार किया, वे टी20 क्रिकेट में इस मामले में नंबर-1 बल्लेबाज बन गए.

क्यों खास है यह उपलब्धि

टी20 क्रिकेट को आमतौर पर तेज और आक्रामक फॉर्मेट माना जाता है, जहां खिलाड़ी अक्सर बदलते रहते हैं और निरंतरता बनाए रखना आसान नहीं होता. ऐसे में किसी एक टीम के खिलाफ इतने लंबे समय तक लगातार रन बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है.

विराट कोहली का यह रिकॉर्ड केवल एक-दो सीजन के प्रदर्शन का नतीजा नहीं है, बल्कि कई सालों की मेहनत, फिटनेस और निरंतरता का परिणाम है. उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों, गेंदबाजों और मैच स्थितियों में खुद को साबित किया है.

निरंतरता ही महानता की पहचान

कोहली ने यह उपलब्धि किसी एक बड़े स्कोर से नहीं, बल्कि लगातार छोटे-बड़े योगदान देकर हासिल की है. यही वजह है कि उन्हें टी20 क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिना जाता है. यह रिकॉर्ड एक बार फिर दिखाता है कि महान खिलाड़ी वही होता है, जो लंबे समय तक एक जैसा प्रदर्शन करता रहे. विराट कोहली ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वे सिर्फ बड़े मैचों के खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि निरंतरता के भी बादशाह हैं.

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