अब सिर्फ 45 मिनट में इंदौर से उज्जैन, महाकाल के दर्शन आसान बनाएगी मेट्रो, बनेंगे ये 11 स्टेशन

MP News: मध्यप्रदेश के दो ऐतिहासिक और व्यस्त शहरों इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा अब और भी आसान और तेज़ होने जा रही है. लंबे समय से प्रतीक्षित मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है.

Indore-Ujjain Metro Project to include development of railway station
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MP News: मध्यप्रदेश के दो ऐतिहासिक और व्यस्त शहरों इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा अब और भी आसान और तेज़ होने जा रही है. लंबे समय से प्रतीक्षित मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. इस प्रोजेक्ट से न केवल ट्रैफिक का बोझ कम होगा, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए महाकाल दर्शन की राह भी सुगम बनेगी.

₹10,000 करोड़ की लागत से बनेगी हाईटेक मेट्रो लाइन

डीएमआरसी द्वारा तैयार की गई डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के अनुसार, इंदौर-उज्जैन मेट्रो परियोजना की कुल लागत लगभग 10,000 करोड़ रुपये होगी. इस प्रोजेक्ट के तहत दोनों शहरों के बीच 45 किलोमीटर लंबा ट्रैक बिछाया जाएगा, जिसमें से 4.5 किलोमीटर हिस्सा उज्जैन शहर में अंडरग्राउंड होगा.

जानिए कहां-कहां बनेंगे 11 मेट्रो स्टेशन

डीपीआर के मुताबिक मेट्रो लाइन पर 11 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं. इंदौर से शुरुआत लवकुश चौराहा से होगी, और अंतिम स्टेशन उज्जैन रेलवे स्टेशन होगा. अन्य प्रमुख स्टेशन होंगे:

  • भौंरासला
  • बारोली
  • धरमपुरी
  • तराना
  • सांवेर
  • पंथ पिपलई
  • निनोरा
  • त्रिवेणी घाट
  • नानाखेड़ा
  • उज्जैन आईएसबीटी

उज्जैन के कुछ स्टेशन भूमिगत (अंडरग्राउंड) बनाए जाएंगे, हालांकि इनके सटीक स्थानों पर अभी फैसला नहीं हुआ है.

सिर्फ 45 मिनट में तय होगा इंदौर से उज्जैन का सफर

इस मेट्रो लाइन के शुरू होने से इंदौर से उज्जैन तक की दूरी अब महज 45 से 50 मिनट में तय की जा सकेगी, जो फिलहाल करीब 2 घंटे लगते हैं. इससे यात्रियों को समय की बचत तो होगी ही, साथ ही उन्हें एक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा अनुभव भी मिलेगा.

महाकुंभ 2028 से पहले शुरू होगी सेवा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले ही संकेत दिए थे कि इस मेट्रो सेवा को 2028 में होने वाले महाकुंभ से पहले शुरू करने की कोशिश की जा रही है. करीब एक साल पहले डीएमआरसी ने इंदौर-उज्जैन रूट पर सर्वे किया था और अब उसी के आधार पर यह डीपीआर पेश की गई है.

प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू

डीएमआरसी की टीम ने इंदौर और उज्जैन के जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की है. फिलहाल ये बातचीत प्रारंभिक स्तर पर है, लेकिन 1-2 हफ्तों में फाइनल रूप दिए जाने की उम्मीद है. 

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