तेजस, AMCA और स्वदेशी हथियारों से बढ़ेगी भारतीय वायुसेना की ताकत, नए IAF चीफ ने दिया VAYU मंत्र

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला. दिल्ली में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. उन्होंने पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह कमान संभाली.

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भारत के सामने एक तरफ पाकिस्तान और दूसरी तरफ चीन की चुनौती है. दोनों देशों के साथ भारत युद्ध लड़ चुका है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. वहीं, रूस-यूक्रेन और ईरान के युद्ध ने भी दुनिया को दिखाया है कि आधुनिक जंग में वायुसेना की भूमिका कितनी अहम है.

ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला. दिल्ली में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. उन्होंने पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह कमान संभाली.

वायुसेना को हर चुनौती के लिए तैयार करना प्राथमिकता

कार्यभार संभालने के बाद एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने कहा कि भारतीय वायुसेना को हर तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रखना उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने एपी सिंह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायुसेना ने अपनी ताकत, सटीक हमले करने की क्षमता और अभियान चलाने की दक्षता दिखाई.

नए वायुसेना प्रमुख ने अपनी प्राथमिकताओं को ‘वायु’ मंत्र के जरिए समझाया. इसमें सतर्कता, आत्मनिर्भरता, नई तकनीक और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल पर जोर दिया गया है.

‘V’ का मतलब विजिलेंस एंड रेडीनेस यानी सतर्कता और हर समय तैयार रहना है. ‘A’ आत्मनिर्भरता को दर्शाता है. ‘Y’ युक्ति यानी नई सोच और आधुनिक तकनीक के जरिए नवाचार पर जोर देता है. वहीं, ‘U’ यूनिटी ऑफ एफर्ट यानी तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त प्रयास का प्रतीक है.

तेजस, AMCA और स्वदेशी हथियारों पर जोर

एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने कहा कि तेजस मार्क-1A, तेजस मार्क-2 और अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान AMCA वायुसेना की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं. इसके साथ ही स्वदेशी सेंसर और हथियारों को भी बढ़ावा दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि ड्रोन, लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाले हथियार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर और अंतरिक्ष तकनीक युद्ध का तरीका बदल रही हैं. इसलिए वायुसेना को इन नई चुनौतियों के अनुरूप अपनी क्षमता मजबूत करनी होगी.

तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और जवानों का कल्याण

नए वायुसेना प्रमुख ने सेना, नौसेना और अन्य राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि वायुसेना के जवानों, अग्निवीर वायु, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का कल्याण भी उनकी प्राथमिकता रहेगा.

उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारतीय वायुसेना सतर्क है, पूरी तरह तैयार है और देश की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.