घर पर खेल रहे हो क्या...मैच के दौरान कुलदीप पर भड़के ऋषभ पंत

गुवाहाटी के बारसापारा स्टेडियम में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच जारी टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांच से भरा हुआ है. दूसरे दिन की शुरुआत होते ही मैदान पर एक ऐसा वाकया देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

India Vs SA Rishabh Pant Scollded kuldeep yadav
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गुवाहाटी के बारसापारा स्टेडियम में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच जारी टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांच से भरा हुआ है. दूसरे दिन की शुरुआत होते ही मैदान पर एक ऐसा वाकया देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और इस बार मामला गेंद या बल्ले का नहीं, बल्कि टीम इंडिया के कार्यवाहक कप्तान ऋषभ पंत के गुस्से का था.


दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहले दिन 6 विकेट पर 247 रन बनाए थे. दूसरे दिन सेनुरन मुथुसामी और कायल वैरेन क्रीज पर मौजूद थे और अपनी पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान टीम इंडिया के फील्डर कुछ ज्यादा ही ढीले नजर आए. खिलाड़ी तेज़ी से अपनी पोजीशन पर जाने के बजाय जॉगिंग करते हुए धीरे-धीरे सेट हो रहे थे. इस वजह से कुलदीप यादव समय पर ओवर की शुरुआत नहीं कर पाए. यह बात ऋषभ पंत को बिल्कुल रास नहीं आई. विकेट के पीछे खड़े पंत ने तेज़ आवाज़ में कुलदीप से कहा यार 30 सेकंड का टाइमर है… घर पे खेल रहे हो क्या? एक बॉल डाल जल्दी. पंत की यह फटकार मैदान के माइक में साफ सुनाई दी, जो बाद में सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई.

पंत को पहले ही मिल चुकी थी चेतावनी

दरअसल, पंत का गुस्सा अचानक नहीं था. वह पहले ही स्टॉप-क्लॉक नियम के चलते चेतावनी झेल चुके थे. पहले दिन ओवर समय पर शुरू न करने के लिए उन्हें वार्निंग दी गई थी और दूसरे दिन भी यही गलती दोहराई गई.अगर तीसरी चेतावनी मिलती, तो भारतीय टीम पर 5 रन की पेनल्टी लगनी तय थी. कप्तान के रूप में पंत यह गलती दोबारा नहीं दोहराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने सीधे कुलदीप को डांट दी ताकि टीम को फालतू रन न गंवाने पड़ें.

क्या है आईसीसी का स्टॉप-क्लॉक नियम?

आईसीसी ने इस साल टेस्ट क्रिकेट में ओवर रेट सुधारने के लिए नया स्टॉप-क्लॉक नियम लागू किया है. इसके तहत.फील्डिंग टीम को एक ओवर खत्म होने के 60 सेकंड के भीतर अगला ओवर शुरू करना होता है.समय सीमा पार करने पर टीम को पहली और दूसरी चेतावनी मिलती है.तीसरी बार नियम तोड़ने पर बैटिंग टीम को 5 रन पेनल्टी के रूप में दिए जाते हैं.

इस नियम में एक राहत भी है

हर 80 ओवर पूरे होने के बाद चेतावनियों की गिनती रीसेट हो जाती है. यानी 81वें ओवर से टीम फिर से ‘जीरो वार्निंग’ पर आ जाती है.पंत की तीखी प्रतिक्रिया बनी चर्चा का विषयहालांकि भारतीय खिलाड़ी समय का बेहतर इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कुछ लापरवाही ने कप्तान पंत को नाराज कर दिया. उनकी डांट भले कड़ी थी, लेकिन उसका मकसद साफ था—टीम को अनावश्यक पेनल्टी से बचाना और मैच की रफ्तार बनाए रखना.

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