चेन्नई: भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता अब एक नए युग की दहलीज पर खड़ी है. सरकारी स्वामित्व वाली रक्षा निर्माण कंपनी Armoured Vehicles Nigam Limited (AVNL) ने ऐलान किया है कि वह एक बिल्कुल नया और पूरी तरह स्वदेशी लाइटवेट टैंक तैयार कर रही है, जिसका नाम 'भारत' रखा गया है. यह टैंक विशेष रूप से पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में संचालन के लिए डिज़ाइन किया जा रहा है, जहां पारंपरिक भारी टैंकों की सीमाएं सामने आती हैं.
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा चेन्नई में आयोजित AeroDefCon 2025 के दौरान की गई, जहां भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी से जुड़ी कई नवीन उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया.
100% स्वदेशी तकनीक से विकसित
AVNL ने जानकारी दी है कि 'भारत' टैंक का प्रथम प्रोटोटाइप 2026 के अंत तक तैयार हो जाएगा. इस टैंक को 100% स्वदेशी तकनीक से विकसित किया जा रहा है, और यह आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत देश के रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर होगा.
क्यों खास है ‘भारत’ टैंक?
हल्का लेकिन दमदार: मौजूदा भारी टैंकों जैसे अर्जुन या टी-90 का वजन 60 से 70 टन तक होता है, जिससे उन्हें ऊंचे इलाकों में ले जाना चुनौतीपूर्ण होता है. 'भारत' टैंक इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए हल्का और बेहद फुर्तीला बनाया जा रहा है, जिससे यह बर्फीले, पहाड़ी और संकरे इलाकों में भी प्रभावी ढंग से ऑपरेट कर सकेगा.
एडवांस टेक्नोलॉजी: टैंक में मॉड्यूलर हथियार प्रणालियां, एडवांस कंपोजिट आर्मर, और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम शामिल होंगे, जो सैनिकों को वास्तविक समय में दुश्मन की गतिविधियों का ब्योरा प्रदान करेंगे.
तेज और सटीक: AVNL के मुताबिक, टैंक की रेंज, फायर पावर और गतिशीलता इसे किसी भी मुकाबले में बढ़त दिलाएगी. इसका डिज़ाइन इस प्रकार किया जा रहा है कि यह जल्दी तैनात हो सके और कम समय में ज्यादा प्रभाव डाल सके.
कहां किया जाएगा उपयोग?
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह टैंक खासतौर पर लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में उपयोग के लिए उपयुक्त होगा. ये वे इलाके हैं जहां चीन के साथ समय-समय पर तनातनी की स्थिति बनती रही है, और यहां पर हल्के, तेज़ और तकनीकी रूप से सक्षम टैंकों की आवश्यकता महसूस की गई है.
AVNL: भारत के टैंक निर्माण की रीढ़
AVNL, जो भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है, देश के प्रमुख लड़ाकू वाहनों के निर्माण में वर्षों से अग्रणी रही है. इसके पोर्टफोलियो में अब तक निम्नलिखित टैंक शामिल हैं:
इन टैंकों ने भारतीय सेना की मारक क्षमता और सामरिक शक्ति को कई गुना बढ़ाया है. अब AVNL 'भारत' टैंक के माध्यम से अगली पीढ़ी के रक्षा उपकरणों की ओर कदम बढ़ा रही है.
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत पहल
'भारत' टैंक की सबसे बड़ी उपलब्धि इसका 100% घरेलू निर्माण है. इसमें कोई भी विदेशी तकनीक, पुर्जा या सॉफ्टवेयर नहीं इस्तेमाल किया जाएगा. इसका सीधा फायदा यह होगा कि:
यह टैंक आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों के तहत रणनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों ही रूपों में महत्वपूर्ण साबित होगा.
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