कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों का जलवा, 3 घंटे में 5 मेडल किए पक्के, भारत के खाते में 12 पदक

Commonwealth Games 2026: बुधवार का दिन भारतीय बॉक्सिंग के लिए यादगार साबित हुआ, जब महज तीन घंटे के भीतर पांच खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर देश के लिए पदक सुनिश्चित कर दिए.

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Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज लगातार अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं. बुधवार का दिन भारतीय बॉक्सिंग के लिए यादगार साबित हुआ, जब महज तीन घंटे के भीतर पांच खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर देश के लिए पदक सुनिश्चित कर दिए. इस शानदार प्रदर्शन ने न सिर्फ भारत के पदकों की संख्या बढ़ाई, बल्कि यह भी दिखाया कि भारतीय मुक्केबाजी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत होती जा रही है. खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और आक्रामक खेल ने हर मुकाबले में भारत का दबदबा कायम रखा.

महिलाओं के वर्ग दिखी शानदार लय

दिन की शुरुआत महिला मुक्केबाजों के दमदार प्रदर्शन से हुई. 51 किलोग्राम भार वर्ग में साक्षी चौधरी ने उत्तरी आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति अपनाई और पहले राउंड में सर्वसम्मत 5-0 की बढ़त हासिल की. पूरे मुकाबले में उन्होंने अपना नियंत्रण बनाए रखा और शानदार जीत के साथ सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए पदक पक्का कर दिया. इसके बाद 70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने न्यूजीलैंड की मॉर्गन हेंडरसन को मात देकर अंतिम चार में जगह बनाई और भारत की गोल्ड मेडल उम्मीदों को और मजबूत कर दिया.

पुरुष मुक्केबाजों ने भी कायम रखा जीत का सिलसिला

महिला खिलाड़ियों की सफलता के बाद पुरुष मुक्केबाजों ने भी रिंग में शानदार प्रदर्शन किया. 60 किलोग्राम वर्ग में सचिन सिवाच ने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में एकतरफा अंदाज में 5-0 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया. इसके तुरंत बाद अंकुश यादव ने भी जेड माइकोक को उसी अंतर से हराकर भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित कर दिया. दोनों खिलाड़ियों ने अपने शानदार फुटवर्क और सटीक पंचों से विरोधियों को मुकाबले में वापसी का कोई मौका नहीं दिया.

नरेंद्र बेरवाल ने संघर्षपूर्ण मुकाबले में दिखाई जीत की जिद

दिन का सबसे रोमांचक मुकाबला नरेंद्र बेरवाल का रहा. समोआ के माइकल सेको के खिलाफ उन्होंने कड़ी टक्कर के बीच 3-2 से जीत दर्ज की. मुकाबले के दौरान रेफरी के हस्तक्षेप के बाद भी कुछ पंच लगने के कारण उन्हें तीन अंकों की पेनल्टी झेलनी पड़ी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने बढ़त बनाए रखी और सेमीफाइनल में जगह बना ली. नरेंद्र की इस जीत के साथ ही भारत के लिए बॉक्सिंग में पांचवां पदक भी तय हो गया.

भारत के पदकों की संख्या पहुंची 12

इन लगातार जीतों के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या 12 तक पहुंच गई है. बॉक्सिंग में खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में भारत कई स्वर्ण पदकों की दौड़ में मजबूती से बना रहेगा. टीम के प्रदर्शन ने भारतीय खेल प्रेमियों की उम्मीदों को नई उड़ान दी है.

अब जैस्मीन लंबोरिया पर टिकी निगाहें

भारतीय बॉक्सिंग दल के लिए दिन अभी खत्म नहीं हुआ है. रात में 57 किलोग्राम वर्ग में जैस्मीन लंबोरिया का मुकाबला इंग्लैंड की एलिस ग्लिन से होना है. यदि जैस्मीन भी जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में पहुंचती हैं तो भारत एक ही दिन में बॉक्सिंग से छह पदक पक्के करने का शानदार रिकॉर्ड बना सकता है. ऐसे में देश की नजरें अब जैस्मीन के मुकाबले पर टिकी हैं, जहां एक और जीत भारतीय मुक्केबाजी के शानदार अभियान को नई ऊंचाई दे सकती है.

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