प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया. 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने भाषण में उन्होंने युवाओं, शिक्षा, तकनीक, खेल, नागरिक सुरक्षा और सेमीकंडक्टर जैसे कई अहम मुद्दों पर बात की.
पीएम मोदी ने युवाओं के लिए एआई प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और बच्चों में खेल प्रतिभा खोजने जैसी योजनाओं का ऐलान किया. इसके अलावा उन्होंने आधुनिक नागरिक सुरक्षा व्यवस्था और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत को मजबूत बनाने की दिशा में भी कई बातें कहीं.
एक करोड़ युवाओं को एआई की ट्रेनिंग
पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में नई तकनीक भारत के विकास में बड़ी भूमिका निभाएगी. उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उनके कौशल को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया.
Delhi: Prime Minister Narendra Modi says, "My dear fellow citizens, when I speak of a Viksit Bharat, when I speak of advancing the nation at high speed—who is the greatest beneficiary of this? Who is the greatest driving force behind all these efforts? If there is a driving… pic.twitter.com/AMdmOsOOLS
— IANS (@ians_india) August 15, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई का प्रशिक्षण देने की दिशा में काम करेगी. इसका मकसद युवाओं को इस तेजी से बढ़ती तकनीक के लिए तैयार करना है, ताकि वे आगे चलकर दुनिया में भारत का नेतृत्व कर सकें.
उन्होंने फरवरी में दिल्ली में हुए एआई शिखर सम्मेलन का भी जिक्र किया और कहा कि भारत तकनीक के क्षेत्र में अपनी मजबूत जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
पीएम मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि सरकार मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था तैयार करेगी.
प्रधानमंत्री के मुताबिक, महंगी कोचिंग का खर्च गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. कई परिवार बच्चों की तैयारी के लिए बड़ी रकम खर्च करते हैं.
#WATCH | Delhi: From the ramparts of the Red Fort, Prime Minister Narendra Modi says, "The race for coaching classes has become a massive burden for our middle-class families. Every parent feels that if they don't send their child to a coaching class, they aren't considered a… pic.twitter.com/Qq74edZTl2
— ANI (@ANI) August 15, 2026
उन्होंने कहा कि भारत के पास डिजिटल सुविधाएं, अच्छे शिक्षक और प्रतिभाशाली लोग हैं. इन सभी को एक साथ जोड़कर ऐसा नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिल सके.
इससे छात्रों के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी. पीएम मोदी ने कहा कि इस व्यवस्था से परिवारों के हजारों करोड़ रुपये बच सकते हैं.
आधुनिक नागरिक सुरक्षा व्यवस्था बनाने का ऐलान
प्रधानमंत्री ने देश की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक बनाने की बात कही. उन्होंने कहा कि बदलते समय की नई चुनौतियों और आपात स्थितियों से निपटने के लिए एक मजबूत नागरिक सुरक्षा नेटवर्क तैयार किया जाएगा.
इसके तहत नागरिक सुरक्षा से जुड़े लोगों को आधुनिक तकनीक और नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाएगी. पीएम मोदी ने एक बड़े आधुनिक नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवी बल के निर्माण की भी बात कही.
इसका उद्देश्य आपदा या किसी अन्य संकट के समय आम लोगों की सुरक्षा और मदद को बेहतर बनाना है.
5 से 15 साल के बच्चों की होगी खेल प्रतिभा की तलाश
पीएम मोदी ने खेलों को लेकर भी बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि भारत खेल के क्षेत्र में अपनी भागीदारी और प्रदर्शन दोनों को और बेहतर करना चाहता है.
प्रधानमंत्री ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत को मजबूत दावेदार बताया. उन्होंने कहा कि देश 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भी करेगा.
उन्होंने टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना, खेलो इंडिया, विश्वविद्यालय खेल, बीच गेम्स और विंटर गेम्स जैसी पहलों का भी जिक्र किया.
हर इलाके से खोजी जाएंगी खेल प्रतिभाएं
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को ओलंपिक की ज्यादा से ज्यादा स्पर्धाओं में हिस्सा लेना चाहिए. उन्होंने बताया कि अभी करीब 40 खेलों और लगभग 350 स्पर्धाओं में भारत की भागीदारी सीमित है.
उन्होंने 2036 तक कम से कम तीन-चौथाई स्पर्धाओं में भारत की भागीदारी का लक्ष्य रखने की बात कही.
इसके लिए 5 से 15 साल के बच्चों के बीच देशव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने का ऐलान किया गया. इसके जरिए अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान की जाएगी. चुने गए बच्चों को आगे विशेष प्रशिक्षण देने की कोशिश होगी, ताकि वे भविष्य में बड़े स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकें.
सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भर बनने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर को भी भारत के भविष्य के लिए बेहद अहम बताया. उन्होंने कहा कि आज लगभग हर आधुनिक तकनीक में चिप की जरूरत होती है.
मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान से लेकर चिकित्सा उपकरण और परिवहन व्यवस्था तक, कई क्षेत्रों का काम सेमीकंडक्टर के बिना संभव नहीं है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि देश में तीन बड़े सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं और इनसे निर्यात के लिए उत्पादन भी शुरू हो गया है.
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में और विस्तार देखने को मिलेगा. पीएम मोदी के मुताबिक, अगले 7 से 8 वर्षों में 5 से 8 और सेमीकंडक्टर संयंत्रों के चालू होने की उम्मीद है.
इससे भारत की चिप निर्माण क्षमता बढ़ेगी और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा दूसरी आधुनिक तकनीकों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है.
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