IND vs SL 2nd Test: टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की करने का सबसे अच्छा तरीका है कि मिले मौके को पूरी तरह भुनाया जाए. देवदत्त पडिक्कल इस समय कुछ ऐसा ही कर रहे हैं. श्रीलंका दौरे पर चोट की वजह से उन्हें टेस्ट टीम में मौका मिला और उन्होंने लगातार दूसरे मैच में शतक लगाकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है.
गॉल टेस्ट में टेस्ट करियर का पहला शतक लगाने के बाद पडिक्कल ने कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन भी सेंचुरी जमा दी. इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने टेस्ट टीम में नंबर-3 की जगह के लिए खुद को मजबूत दावेदार बना दिया है. करीब 8 साल बाद कोई भारतीय बल्लेबाज विदेश में नंबर-3 पर खेलते हुए लगातार दो टेस्ट में शतक लगाने में सफल हुआ है.
शुरुआत में मिले जीवनदान का उठाया फायदा
भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर शुरू हुआ. पहले ही दिन देवदत्त पडिक्कल ने अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींच लिया.
इससे पहले 15 अगस्त को गॉल में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान भी पडिक्कल ने शतक लगाया था. यह उनके टेस्ट करियर की पहली सेंचुरी थी. कोलंबो में भी उन्होंने उसी लय को बनाए रखा. हालांकि, शुरुआती दौर में श्रीलंकाई टीम ने उन्हें दो बार जीवनदान दिया. पडिक्कल 0 और 1 रन के स्कोर पर बच गए, लेकिन इसके बाद उन्होंने कोई गलती नहीं की और बड़ी पारी खेल डाली.
श्रीलंकाई गेंदबाजों की नहीं चली
11वें ओवर में भारत का पहला विकेट गिरने के बाद पडिक्कल बल्लेबाजी के लिए आए. उन्होंने शुरुआत से ही संभलकर खेला और धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाया. तेज गेंदबाजों की शॉर्ट पिच गेंदों का उन्होंने अच्छी तरह सामना किया और स्पिन गेंदबाजों को भी हावी नहीं होने दिया. दूसरे सत्र में पडिक्कल ने अपना अर्धशतक पूरा किया.
इसके बाद उन्होंने कप्तान शुभमन गिल के साथ मिलकर शानदार साझेदारी की. तीसरे सत्र में रवींद्र जडेजा का साथ मिलने के बाद उन्होंने अपनी पारी को और आगे बढ़ाया और शतक पूरा कर लिया. पडिक्कल ने 168 गेंदों में अपना लगातार दूसरा टेस्ट शतक पूरा किया. उनकी पारी में 10 चौके शामिल रहे. वह आखिरकार 117 रन बनाकर आउट हुए.
8 साल बाद दोहराया गया बड़ा कारनामा
पडिक्कल के इस शतक के साथ एक खास रिकॉर्ड भी बना. वह करीब 8 साल बाद भारत के ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने विदेश में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए लगातार दो टेस्ट मैचों में शतक लगाया है. इससे पहले चेतेश्वर पुजारा ने 2018-19 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर यह कारनामा किया था.
इसके बाद किसी भारतीय बल्लेबाज ने नंबर-3 पर खेलते हुए विदेश में लगातार दो टेस्ट में शतक नहीं लगाया था. अब पडिक्कल ने दो लगातार शतकों के साथ टेस्ट टीम में नंबर-3 की जगह के लिए अपनी दावेदारी बेहद मजबूत कर दी है. अगर वह आगे भी इसी तरह प्रदर्शन करते रहे तो टीम इंडिया में उनकी जगह लंबे समय तक बनी रह सकती है.
ये भी पढ़ें- भारत-चीन रिश्तों में फिर बढ़ी हलचल, NSA अजीत डोभाल जाएंगे चीन, इन मुद्दों पर होगी बातचीत