Senuran Muthusamy: गुवाहाटी में हुए हालिया टेस्ट में साउथ अफ्रीका के बाएं हाथ के बल्लेबाज सेनुरन मुथुसामी ने भारतीय गेंदबाजों को कड़ी चुनौती दी. उन्होंने 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक बनाया, जिससे न केवल टीम को मजबूती मिली, बल्कि उनके व्यक्तिगत करियर में कई अहम रिकॉर्ड भी दर्ज हुए.
मुथुसामी की यह पारी उनके खेल की तकनीक और मानसिक दृढ़ता का परिचायक रही. हालांकि इस खिलाड़ी के बारे में भारतीय क्रिकेट फैंस ज्यादा जानकारी नहीं रखते, लेकिन उनके करियर की कुछ महत्वपूर्ण बातें उन्हें और करीब से समझने में मदद कर सकती हैं.
A memorable maiden Test century for Senuran Muthusamy in Guwahati 👊#WTC27 | #INDvSA 📝: https://t.co/5B1PcNj4kk pic.twitter.com/1X2fhspUtS
— ICC (@ICC) November 23, 2025
मां की मेहनत और समर्थन ने बनाया क्रिकेटर
सेनुरन मुथुसामी के जीवन की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही. उनके पिता का निधन तब हुआ जब मुथुसामी केवल 11 साल के थे. इस कठिन समय में उनकी मां ने उनके क्रिकेट करियर को लेकर हर संभव मदद की. उन्होंने मुथुसामी को तकनीकी प्रशिक्षण दिलाने के लिए क्रिकेट की किताबें और वीडियो का इस्तेमाल किया. अपने बेटे की कमजोरियों को पहचानकर उन्हें सुधारने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए. मुथुसामी की सफलता में उनकी मां की यह मेहनत और समर्थन अहम भूमिका निभाई.
भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू और विराट कोहली का विकेट
सेनुरन मुथुसामी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2019 में भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था. विशाखापट्टनम टेस्ट में उन्होंने कप्तान विराट कोहली का विकेट लेकर अपने खेल का आगाज़ शानदार ढंग से किया. हालांकि इस सीरीज में दक्षिण अफ्रीका को हार का सामना करना पड़ा और मुथुसामी को टीम से बाहर कर दिया गया. इसके बाद उन्होंने लगभग चार साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी नहीं की. लेकिन 2023 में उन्होंने साउथ अफ्रीका टीम में वापसी कर अपने प्रदर्शन से फैंस को प्रभावित किया.
विकेटकीपिंग और स्पिनिंग करियर का मोड़
मुथुसामी की क्रिकेट यात्रा में कई बदलाव देखने को मिले. उन्होंने शुरू में विकेटकीपिंग की भूमिका निभाई और तेज गेंदबाजी भी की. लेकिन कमर में लगी चोट ने उनके खेल की दिशा बदल दी. इसके बाद मुथुसामी ने स्पिनिंग और बल्लेबाजी पर फोकस किया. उन्होंने घरेलू क्रिकेट में ओपनिंग बल्लेबाजी भी की और 2017 में ओपनर के रूप में 181 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली थी. यह उनकी बहुमुखी प्रतिभा और क्रिकेट के प्रति समर्पण को दर्शाता है.
रवींद्र जडेजा और संगकारा के फैन
सेनुरन मुथुसामी अपने क्रिकेट आदर्शों के लिए प्रसिद्ध हैं. वह भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के बड़े प्रशंसक हैं और उन्हें अपना प्रेरणा स्रोत मानते हैं. मुथुसामी जडेजा की तरह ही ऑलराउंडर भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं. इसके अलावा, वह श्रीलंका के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर कुमार संगकारा को भी अपना आदर्श मानते हैं. इन खिलाड़ियों से उन्होंने तकनीकी कौशल और मैदान पर मानसिक स्थिरता सीखने का प्रयास किया.
क्रिकेट के अलावा शिक्षा और योग में रुचि
सेनुरन मुथुसामी केवल क्रिकेट तक ही सीमित नहीं हैं. उन्होंने मीडिया और मार्केटिंग में डिग्री हासिल की है. अगर क्रिकेट में करियर नहीं बनता, तो मुथुसामी इस क्षेत्र में सक्रिय होते. इसके अलावा, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए वह नियमित योग करते हैं. यह उनकी मानसिक मजबूती और मैदान पर लंबे समय तक टिकने की क्षमता का एक अहम हिस्सा है.