Suryakumar Yadav On Mohsin Naqvi: एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर जब टीम इंडिया ने लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया, तो जश्न का माहौल चरम पर था. लेकिन इसी जीत के साथ एक ऐसा पल भी आया जिसने चर्चा का रुख मैच से हटाकर एक कूटनीतिक बयान की तरफ मोड़ दिया. भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी और मेडल लेने से इनकार कर दिया.
इस असाधारण घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पूरे मामले को बेहद गरिमापूर्ण लेकिन दो-टूक अंदाज़ में संभाला. उन्होंने कहा, “मैं इसे कोई विवाद नहीं मानता. ट्रॉफी एक प्रतीक हो सकती है, लेकिन असली ट्रॉफी तब होती है जब आप लोगों का दिल जीतते हैं. हमारे लिए असली जीत वो भावनाएं हैं, जो खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने एक-दूसरे के लिए महसूस की."
#WATCH | Dubai, UAE: On India refused to accept the Asia Cup 2025 trophy from ACC chairman Mohsin Naqvi, Indian skipper Suryakumar Yadav says, "I won't call it controversy. If you have seen, people have posted photos of trophy here and there. But the real trophy is when you win… pic.twitter.com/v33vIktcdr
— ANI (@ANI) September 29, 2025
"सिर्फ एक चमकदार कप नहीं, असली ट्रॉफी है हमारी एकजुटता"
सूर्यकुमार यादव ने आगे कहा कि जो ट्रॉफी हाथ में दी जाती है, वो एक सिल्वरवेयर है. लेकिन जो जज़्बा हमने मैदान पर दिखाया, जो मेहनत हर सदस्य ने की, वो असली ट्रॉफी है. उन्होंने कहा, “हमने टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारा. पूरे देश के लिए ये जीत बेहद खास थी. पूरी टीम रात में साथ बैठी, मस्ती की, जश्न मनाया, वहीं से असली ट्रॉफी का अहसास हुआ.”
मोहसिन नकवी की बौखलाहट और भारत की परिपक्वता
भारतीय खिलाड़ियों के ट्रॉफी न लेने के फैसले के बाद मोहसिन नकवी reportedly गुस्से में ट्रॉफी लेकर स्टेडियम से बाहर चले गए. लेकिन टीम इंडिया ने इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी तरह की गरम बयानबाज़ी से बचते हुए संयम और गरिमा का प्रदर्शन किया.
भारत ने साफ संदेश दिया कि उनके लिए जीत सिर्फ मैदान पर स्कोर करने से नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान, भावना और देशभक्ति से जुड़ी है. ट्रॉफी ठुकराना एक ऐसा निर्णय था, जो मैदान पर मिली जीत से कहीं ज्यादा ताकतवर बयान दे गया.
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