IND vs NZ: टी-20 विश्व कप के फाइनल में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और न्यूजीलैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम आमने-सामने होंगी. यह मुकाबला 8 मार्च को शाम 7 बजे नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. रिपोर्ट्स के अनुसार इस खिताबी मुकाबले के लिए तैयार की गई पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रहने वाली है, जिससे हाई-स्कोरिंग मैच देखने को मिल सकता है.
फ्रेश पिच पर खेला जाएगा फाइनल
रिपोर्ट्स के मुताबिक फाइनल के लिए स्टेडियम में एक नई पिच का उपयोग किया जाएगा. यह वही सतह है जिस पर टूर्नामेंट की शुरुआत में एक मैच खेला गया था. इस पिच को काली और लाल मिट्टी को मिलाकर तैयार किया गया है, जिसके कारण गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच संतुलन तो रहेगा, लेकिन बल्लेबाजों को थोड़ी ज्यादा मदद मिलने की संभावना है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सतह पर गेंद ज्यादा स्पिन नहीं करेगी, लेकिन तेज गेंदबाजों को अच्छी गति और बाउंस मिल सकता है. हालांकि बाउंस स्थिर रहने की वजह से बल्लेबाज शॉट खेलने में ज्यादा सहज महसूस करेंगे. ऐसे में फाइनल मुकाबले में बड़े स्कोर की उम्मीद की जा रही है.
200 से ज्यादा रन बन सकते हैं निर्णायक
क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार इस तरह की पिच पर पहली पारी में 200 से अधिक रन बनाना टीम के लिए बड़ा फायदा साबित हो सकता है. अगर शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों को लय मिल जाती है, तो रन तेजी से बनने की संभावना रहती है.
हाल के मैचों में भी देखा गया है कि इसी तरह की पिचों पर टीमें बड़े स्कोर बनाने में सफल रही हैं, इसलिए फाइनल में भी रन बरसने की उम्मीद की जा रही है.
सेमीफाइनल में भी मिली थी बल्लेबाजों को मदद
टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल न्यूजीलैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के बीच ईडन गार्डन्स में खेला गया था. वहां की पिच भी बल्लेबाजी के लिए अनुकूल थी, हालांकि शुरुआती ओवरों में गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिली थी.
उस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 169 रन बनाए थे. इसके जवाब में न्यूजीलैंड ने बेहद आक्रामक अंदाज में खेलते हुए सिर्फ 12.5 ओवर में एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया.
भारत-इंग्लैंड बना हाई-स्कोरिंग मुकाबला
दूसरा सेमीफाइनल भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और इंग्लैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के बीच वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया था. वहां की पिच भी बल्लेबाजी के लिए बेहद आसान साबित हुई.
इस मुकाबले में भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 253 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया. जवाब में इंग्लैंड ने भी जोरदार संघर्ष किया और 246 रन बना दिए. 40 ओवर के इस मैच में कुल 499 रन बने, जिससे साफ हो गया कि बल्लेबाजों को काफी मदद मिल रही थी.
अब फाइनल के लिए भी ऐसी ही पिच मिलने की संभावना जताई जा रही है.
अहमदाबाद की पिच का हालिया रिकॉर्ड
फाइनल के लिए जिस पिच का चयन किया गया है, उस पर इस टूर्नामेंट में सिर्फ एक मैच खेला गया था. 9 फरवरी को हुए उस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट खोकर 213 रन बनाए थे.
जवाब में कनाडा राष्ट्रीय क्रिकेट टीम 156 रन ही बना सकी थी. इसके बाद अहमदाबाद में कुल पांच अन्य मैच खेले गए, लेकिन उनमें इस खास पिच का इस्तेमाल नहीं किया गया.
हालांकि अन्य पिचों पर भी बड़े स्कोर बने. यहां पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 184 रन रहा है. दो मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती, जबकि दो मैचों में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने जीत दर्ज की. एक मुकाबला सुपर ओवर में भी गया था.
अहमदाबाद में भारत का प्रदर्शन
इस टूर्नामेंट में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने अहमदाबाद में दो मैच खेले हैं. ग्रुप स्टेज में नीदरलैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 193 रन बनाए थे. हालांकि नीदरलैंड ने भी कड़ा मुकाबला करते हुए 176 रन तक पहुंचने में सफलता हासिल की थी.
सुपर-8 चरण में भारत का सामना फिर दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम से हुआ था. उस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 187 रन बनाए, जबकि भारत 111 रन पर ही सिमट गया था.
दूसरी ओर न्यूजीलैंड इस मैदान पर टूर्नामेंट में अपना दूसरा मैच खेलने जा रहा है और उसे भी यहां पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था.
दोनों टीमों की तैयारी
फाइनल मुकाबले से पहले भारतीय टीम शनिवार को अहमदाबाद में अभ्यास सत्र करेगी. वहीं न्यूजीलैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम सेमीफाइनल जीतने के बाद गुरुवार को अहमदाबाद पहुंच चुकी है और उसने उसी दिन अभ्यास भी किया.
दिलचस्प बात यह है कि दोनों टीमें लगातार दूसरे आईसीसी व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट के फाइनल में आमने-सामने हैं. पिछले साल 9 मार्च को ICC Champions Trophy के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था.
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