शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने से लेकर मेडिकल कॉलेज तक... यूपी कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को दी गई मंजूरी

UP Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. इनमें से एक प्रमुख निर्णय शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर था.

increasing honorarium of Shikshamitras to Ballia medical colleges 22 proposals were approved UP cabinet meeting
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UP Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. इनमें से एक प्रमुख निर्णय शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर था. अब शिक्षामित्रों का मानदेय 18,000 रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 17,000 रुपये किया जाएगा. इससे पहले शिक्षामित्रों को 10,000 रुपये और अनुदेशकों को 9,000 रुपये मिलते थे.

बैठक के बाद, प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने जानकारी दी कि बढ़ा हुआ मानदेय 1 मई से लागू होगा. उन्होंने यह भी बताया कि 2017 में भाजपा सरकार के आने पर शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया था, और अब इसे 18,000 रुपये किया जा रहा है, जैसा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले घोषणा की थी.

22 प्रस्तावों पर मंजूरी दी गई

संदीप सिंह ने यह भी बताया कि प्रदेश के 27,000 से अधिक अंशकालिक अनुदेशक काम कर रहे हैं, और उनके मानदेय को भी 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये किया गया है. इसके अलावा, बैठक में कुल 22 प्रस्तावों पर मंजूरी दी गई. एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव में 25 लाख टैबलेट की खरीद को भी मंजूरी दी गई. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अब तक 60 लाख स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं, और अब 25 लाख और टैबलेट खरीदने का निर्णय लिया गया है.

बलिया में खुलेगा मेडिकल कॉलेज

कैबिनेट बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत उत्तर प्रदेश सरकार बलिया में मेडिकल कॉलेज खोलेगी. यह मेडिकल कॉलेज 'एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज' योजना के तहत स्थापित किया जाएगा. कॉलेज कारागार विभाग की जमीन पर बनेगा, और जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के रूप में मर्ज किया जाएगा.

प्रदेश सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना पर काम कर रही है. इन कॉलेजों के लिए जमीन चिन्हित की जा चुकी है और काम शुरू हो चुका है. बुनियादी ढांचा तैयार होते ही, यहां एमबीबीएस की 100 सीटों के लिए मान्यता ली जाएगी और शैक्षणिक सत्र शुरू होगा. मेडिकल कॉलेज खुलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, क्योंकि यहां ट्रॉमा सेंटर और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

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