पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान को अदियाला जेल से शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस्लामाबाद में शिफा अस्पताल के आसपास भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. अस्पताल की ओर जाने वाली सड़कों को भी बंद कर दिया गया है.
पीटीआई ने की अस्पताल पहुंचने की पुष्टि
इमरान खान की पार्टी पीटीआई के प्रवक्ता जुल्फी बुखारी ने बताया कि इमरान खान शिफा इंटरनेशनल अस्पताल पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया गया है. पूर्व राष्ट्रपति और पीटीआई नेता आरिफ अल्वी ने भी सोशल मीडिया पर इमरान खान के अस्पताल पहुंचने की पुष्टि की.
अस्पताल के बाहर इमरान खान के कई समर्थक भी पहुंचे. कुछ लोगों ने वहां से गुजर रही गाड़ियों पर फूलों की पंखुड़ियां भी फेंकीं.
17 साल की जेल की सजा
73 साल के इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को पिछले साल के आखिर में भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में 17 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. इमरान खान 2023 से जेल में हैं और उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक बदले की वजह से हैं.
इमरान खान के समर्थकों ने उम्मीद जताई कि अस्पताल में उन्हें बेहतर इलाज मिलेगा. एक समर्थक ने कहा कि इमरान खान ने पाकिस्तान के लिए बहुत कुछ किया है और उन्हें सही मेडिकल इलाज मिलना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
इमरान खान के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर उनकी खराब सेहत का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि इमरान खान को मेडिकल जांच और इलाज की जरूरत है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि उन्हें दो दिनों के अंदर अस्पताल में भर्ती कराया जाए.
इस साल की शुरुआत में इमरान खान की आंख का इलाज भी हुआ था. उनके परिवार ने उस समय बताया था कि उनकी दाहिनी आंख की ज्यादातर रोशनी चली गई है.
परिवार से मिलने की भी इजाजत
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को हफ्ते में एक बार अपने परिवार से मिलने की अनुमति दी है. इसके अलावा वह हफ्ते में दो बार फोन पर अपने बेटों से बात कर सकेंगे. कोर्ट ने उनके इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल बनाने का भी आदेश दिया है. उनकी बहन डॉक्टर उजमा खान को भी इस पैनल में शामिल किया जाएगा.
2018 से 2022 तक रहे प्रधानमंत्री
इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे. उन्हें अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटा दिया गया था. इसके बाद उनकी सरकार और सेना के बीच तनाव बढ़ गया था. इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद मई 2023 में पाकिस्तान के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए थे.
अस्पताल के बाहर राजनीति पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की पार्टी को अस्पताल के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने को कहा है. समर्थकों से भी वहां भीड़ जमा नहीं करने की अपील की गई है. अदालत का मकसद है कि इमरान खान के इलाज को राजनीतिक प्रदर्शन का मंच न बनाया जाए.
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, सरकारी गोपनीय जानकारी लीक करने और सरकारी उपहारों से जुड़े कई मामले चल चुके हैं. इमरान खान इन मामलों को लगातार राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते रहे हैं.