अयोध्या में राम मंदिर परिसर में होने वाले ऐतिहासिक धर्म ध्वज स्थापना समारोह के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने शहर को कड़े सुरक्षा कवच में ले लिया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कुल 6970 से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है. ज़मीन से लेकर आसमान तक बहु-स्तरीय निगरानी रखने के लिए ATS, NSG स्नाइपर, एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर विशेषज्ञों और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम लगाए गए हैं.
वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में सुरक्षा प्रबंधन
समारोह के दौरान सुरक्षा की कमान वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के हाथों में रहेगी. पूरे अयोध्या में कानून-व्यवस्था को स्थिर बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण करने और संभावित खतरे पर तत्परता से प्रतिक्रिया देने के लिए सभी स्तरों के पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है.
स्थान पर मौजूद सुरक्षा बलों का विवरण इस प्रकार है:
यातायात को सुचारू रखने के लिए:
इन सभी को अयोध्या के मुख्य मार्गों, मंदिर परिसर, VIP रूट और भीड़ वाले क्षेत्रों में तैनात किया गया है.
स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट्स की भारी मौजूदगी
प्रधानमंत्री की उपस्थिति के कारण सुरक्षा स्तर को “टॉप-ग्रेड” किया गया है. उच्च जोखिम को ध्यान में रखते हुए विशेष कमांडो इकाइयाँ तैनात की गई हैं:
इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था में उपयोग हो रहे उपकरण:
आसमान से लेकर जमीन तक हाई-टेक निगरानी
अयोध्या शहर और मंदिर परिसर को आधुनिक तकनीक की सहायता से रियल-टाइम मॉनिटरिंग के दायरे में रखा गया है. कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि नज़र आने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए बहु-स्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की गई है.
सुरक्षा व्यवस्था में शामिल हैं:
धर्म ध्वज स्थापना समारोह के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विस्तृत भीड़ व्यवस्था की गई है.
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