नई दिल्ली: अगस्त से आम लोगों की जेब पर महंगाई का नया बोझ पड़ सकता है. कई बड़ी कंपनियां अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं. इसकी वजह कच्चे माल की बढ़ती लागत, माल ढुलाई का महंगा होना और रुपये की कीमत में उतार-चढ़ाव बताया जा रहा है.
रिपोर्टों के मुताबिक, अगले महीने से चाय, हेयर ऑयल, टीवी, फ्रिज, कपड़े और कार जैसी कई चीजें 6 से 8 फीसदी तक महंगी हो सकती हैं.
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर दुनिया भर की सप्लाई चेन पर पड़ा है. कच्चे माल की कीमतें बढ़ी हैं और सामान एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का खर्च भी पहले से ज्यादा हो गया है.
इसके अलावा रुपये की कमजोरी से आयात होने वाले सामान की लागत भी बढ़ गई है. यही वजह है कि कंपनियां अब बढ़ी हुई लागत का कुछ बोझ ग्राहकों पर डालने की तैयारी कर रही हैं.
त्योहारी सीजन से पहले आखिरी बढ़ोतरी
कंपनियों का मानना है कि अगस्त में होने वाली यह कीमतों की बढ़ोतरी फिलहाल आखिरी हो सकती है.
अगस्त से ओणम के साथ त्योहारी सीजन शुरू होता है, जो नवरात्रि और दिवाली तक चलता है. कंपनियों को उम्मीद है कि इस दौरान मांग बनी रहेगी और कीमत बढ़ने का ज्यादा असर बिक्री पर नहीं पड़ेगा.
इलेक्ट्रॉनिक सामान होंगे महंगे
टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की तैयारी है. बताया जा रहा है कि अगस्त से इनकी कीमतें 4 से 6 फीसदी तक बढ़ सकती हैं.
इस साल पहले ही कई इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद महंगे हो चुके हैं. मेमोरी चिप की बढ़ती कीमत और सप्लाई की कमी के कारण टीवी और स्मार्टफोन बनाने की लागत भी बढ़ी है.
ब्रांडेड कपड़ों के दाम भी बढ़ेंगे
कई फैशन कंपनियां भी नए सीजन के साथ कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं. अब तक कंपनियां पुराने स्टॉक की वजह से कीमतें नहीं बढ़ा रही थीं, लेकिन नए माल की लागत ज्यादा होने से अगस्त में ब्रांडेड कपड़ों की कीमतें करीब 8 फीसदी तक बढ़ सकती हैं.
कार खरीदना भी होगा महंगा
अगस्त से कई कार कंपनियां भी अपने वाहनों की कीमतें बढ़ाने जा रही हैं. मारुति सुजुकी ने संकेत दिया है कि वह अलग-अलग मॉडल की कीमतों में 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी कर सकती है.
होंडा कार्स भी 1 अगस्त से नई कीमतें लागू करेगी. वहीं, कुछ दूसरी कंपनियां भी बढ़ती लागत और आयात खर्च को देखते हुए कीमतें बढ़ाने की तैयारी में हैं.
FMCG कंपनियों पर भी बढ़ा दबाव
पैक्ड चाय, हेयर ऑयल और दूसरे रोजमर्रा के सामान बनाने वाली कंपनियां भी बढ़ती लागत का सामना कर रही हैं.
पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, पेट्रोलियम से जुड़े उत्पाद और खाने के तेल महंगे होने से कंपनियों की लागत बढ़ गई है.
कंपनियों का कहना है कि अगर लागत का दबाव बना रहा, तो आने वाले महीनों में कुछ और उत्पादों की कीमतों में भी बदलाव किया जा सकता है.
आम लोगों पर क्या होगा असर?
अगर कंपनियां अगस्त से नई कीमतें लागू करती हैं, तो रोजमर्रा की कई जरूरी चीजें खरीदना महंगा हो जाएगा.
चाय से लेकर कपड़े, टीवी, फ्रिज और नई कार तक, कई उत्पादों के लिए ग्राहकों को पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. हालांकि कंपनियों को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन के दौरान मांग पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा.