नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को NXT के एक कार्यक्रम में भारत में जारी सुधारों और वैश्विक मंच पर देश की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की. उन्होंने विशेष रूप से ब्रिटिश शासनकाल के अप्रासंगिक कानूनों को हटाने के सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया.
पुराने कानूनों को हटाने की पहल
प्रधानमंत्री ने बताया कि ब्रिटिश काल में लागू किए गए कई कानून भारतीय समाज के अनुकूल नहीं थे और स्वतंत्रता के बाद भी दशकों तक बने रहे. इनमें से एक था ड्रामेटिक परफॉर्मेंस एक्ट, जिसे 150 साल पहले अंग्रेजों ने लागू किया था. इस कानून के तहत सार्वजनिक स्थलों पर 10 से अधिक लोगों के एक साथ नृत्य करने पर गिरफ्तारी हो सकती थी.
उन्होंने बताया कि यह कानून अब हमारी सरकार ने हटा दिया है. यह सुधार व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
बांस से जुड़े कानून में संशोधन
उन्होंने बांस से जुड़े पुराने कानून का भी जिक्र किया, जिसके तहत बांस को पेड़ की श्रेणी में रखा गया था, जिससे उसे काटने और उपयोग करने पर प्रतिबंध था. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने इसे संशोधित कर बांस को घास की श्रेणी में रखा, जिससे किसानों और उद्यमियों को इसका अधिक लाभ मिल सके.
प्रयागराज का कुंभ और वैश्विक ध्यान
प्रधानमंत्री ने हाल ही में प्रयागराज में संपन्न हुए कुंभ मेले की चर्चा करते हुए कहा कि यह आयोजन दुनिया भर के लिए आश्चर्य का विषय बन गया है. करोड़ों लोगों की एक साथ उपस्थिति और व्यवस्थाओं की सफलता ने भारत की आयोजन क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है.
Addressing the NXT Conclave in Delhi. @nxt_conclave https://t.co/kdcwYCuxYU
— Narendra Modi (@narendramodi) March 1, 2025
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक नेतृत्व
मोदी ने बताया कि भारत ने हाल ही में फ्रांस में आयोजित एआई समिट में सह-आयोजक की भूमिका निभाई थी और अब देश स्वयं इस तरह के वैश्विक सम्मेलनों की मेजबानी के लिए तैयार हो रहा है. भारत ने G20 की अध्यक्षता करते हुए इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEEC) की रूपरेखा भी प्रस्तुत की, जो वैश्विक व्यापार और संपर्क को नई दिशा देगा.
भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति
प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश अब दुनिया का सातवां सबसे बड़ा कॉफी निर्यातक बन गया है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत केवल वैश्विक वर्कफोर्स का हिस्सा नहीं, बल्कि एक 'वर्ल्ड फोर्स' के रूप में उभर रहा है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से भविष्य में बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाला है. उन्होंने देशवासियों को इस नई तकनीक के साथ जुड़ने और नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया.
इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री ने भारत की सतत प्रगति, तकनीकी नवाचार और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में बढ़ते कदमों को रेखांकित किया.
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