Middle East War: मध्य पूर्व में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब दूसरे हफ्ते में पहुंच गया है और इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिकी और इजरायली बलों ने ईरान के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर बमबारी की थी. इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते गए और अब यह संघर्ष पूरे मिडिल ईस्ट में फैल चुका है.
लगातार हो रही हवाई और मिसाइल हमलों की वजह से कई देशों में भारी जनहानि की खबरें सामने आ रही हैं. ईरान पर हुए हमलों में अब तक 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं. वहीं इजरायली हमलों का असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पड़ोसी देश लेबनान में भी बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आए हैं.
ईरान में सबसे ज्यादा नुकसान
अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं. इन हमलों के कारण देश के कई इलाकों में भारी तबाही की खबरें हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक ईरान में 1300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं.
लगातार हो रही बमबारी के कारण कई शहरों में आपात स्थिति जैसे हालात बन गए हैं. अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी भारी दबाव पड़ रहा है.
लेबनान भी जंग की चपेट में
मिडिल ईस्ट की इस जंग का असर पड़ोसी देशों पर भी साफ दिखाई दे रहा है. लेबनान में अब तक 394 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब एक हजार लोग घायल हुए हैं. बताया जा रहा है कि यहां भी कई हमले इजरायली सैन्य कार्रवाई के दौरान हुए, जिससे आम नागरिकों को भारी नुकसान हुआ.
लेबनान में कई इलाकों में इमारतों और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं.
इजराइल में भी हुए हमले
ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी है. इजराइल पर किए गए हमलों में अब तक कम से कम 11 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं. इन हमलों के बाद इजराइल में सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा सख्त कर दिया गया है.
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने ऊपर हुए हमलों का जवाब लगातार देता रहेगा.
खाड़ी देशों में भी बढ़ा तनाव
ईरान ने अपने खिलाफ हुई सैन्य कार्रवाई के जवाब में खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और उन इमारतों को निशाना बनाया है जिनका इस्तेमाल अमेरिकी एजेंसियां करती हैं.
जंग शुरू होने के बाद से अब तक ईरान लगभग 10 देशों में हमले कर चुका है. इन हमलों में कुल मिलाकर कम से कम 27 लोगों की मौत और कई दर्जन लोगों के घायल होने की खबर है.
अलग-अलग देशों में मौत का आंकड़ा
इस संघर्ष के दौरान अलग-अलग देशों में हुई जनहानि के आंकड़े भी सामने आए हैं.
इसके अलावा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों में 6 सैनिकों की मौत और 18 के घायल होने की जानकारी सामने आई है.
वहीं साइप्रस और सऊदी अरब पर भी हमलों की खबरें आई थीं, लेकिन वहां किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है.
यूरोप को भी चेतावनी
मध्य पूर्व में चल रही इस जंग के बीच ईरान ने अन्य देशों को भी चेतावनी दी है. ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने कहा है कि यदि यूरोपीय देश इस संघर्ष में अमेरिका और इजराइल का समर्थन करते हैं, तो उन्हें भी ईरान की जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि यदि हालात और बिगड़े तो यह संघर्ष मध्य पूर्व से बाहर भी फैल सकता है.
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