Himachal Cabinet Meeting: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक ने राज्य के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए. शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों को बढ़ावा देने वाले इन फैसलों से प्रदेश की प्रगति को गति मिलने की उम्मीद है. संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन फैसलों की विस्तृत जानकारी साझा की. आइए, इन निर्णयों पर एक नजर डालते हैं.
3,700 नए पदों को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों में 3,700 नए पद सृजित करने का ऐलान किया है, जो युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा. इनमें से अधिकांश पद हमीरपुर कर्मचारी चयन बोर्ड और आउटसोर्सिंग के जरिए भरे जाएंगे. बिजली बोर्ड में 1,602 उपभोक्ता मित्रों के पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से, जबकि 1,000 रेगुलेटर टी-मेट के पद चयन बोर्ड के जरिए भरे जाएंगे. इसके अलावा, 645 पटवारी, 400 स्टाफ नर्स, 300 पंचायत सचिव, 200 MBBS डॉक्टर, 38 मेडिकल कॉलेज के पद और 25 स्टेनो के पद सचिवालय में स्वीकृत किए गए हैं. ये कदम न केवल बेरोजगारी को कम करेंगे, बल्कि प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करेंगे.
CBSE पैटर्न पर 100 स्कूल
प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. मंत्रिमंडल ने 100 स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के तहत लाने का फैसला किया है. इस पहल से हिमाचल के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी. हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि CBSE पैटर्न अपनाने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे. यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल को अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
स्टार्टअप और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा
मंत्रिमंडल ने ग्रामीण, शहरी और आदिवासी क्षेत्रों में स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए होम-स्टे योजना के तहत ब्याज सब्सिडी की घोषणा की. ग्रामीण क्षेत्रों में 4%, शहरी क्षेत्रों में 3% और आदिवासी क्षेत्रों में 5% ब्याज सब्सिडी दी जाएगी. इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के लिए 28 नए डायलिसिस सेंटर खोलने का निर्णय लिया गया है. ये सेंटर मरीजों को सुलभ और सस्ती चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करेंगे, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और ऊंचा होगा.
हायर ग्रेड पे विवाद पर स्थिति स्पष्ट
हायर ग्रेड पे से जुड़े विवाद पर संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट ने इस संबंध में जारी किसी भी अधिसूचना को निरस्त करने का फैसला लिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिसूचना जारी करने का अधिकार केवल मंत्रिमंडल के पास है, और अधिकारियों द्वारा अपने स्तर पर कोई भी अधिसूचना जारी करने की खबरें आधारहीन हैं. यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और नियमों के पालन को दर्शाता है.
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