Haryana SGST Growth: GST कलेक्शन में हरियाणा नंबर-1, अप्रैल-जुलाई में सभी बड़े राज्यों को छोड़ा पीछे

Haryana SGST Growth 2026: वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में हरियाणा ने SGST कलेक्शन में 31% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज कर देश के सभी बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया.

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Haryana SGST Growth 2026: देश की अर्थव्यवस्था में राज्यों की वित्तीय मजबूती का सबसे बड़ा पैमाना उनके कर संग्रह को माना जाता है. इसी कड़ी में हरियाणा ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत बेहद दमदार अंदाज में की है. अप्रैल से जुलाई के बीच राज्य ने स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (SGST) संग्रह में ऐसी बढ़ोतरी दर्ज की है, जिसने देश के सभी बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया. मजबूत औद्योगिक गतिविधियों, तेजी से बढ़ते सेवा क्षेत्र, ऑटोमोबाइल उद्योग की शानदार मांग और तकनीक आधारित टैक्स निगरानी के दम पर हरियाणा ने राजस्व संग्रह में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. यह उपलब्धि राज्य की आर्थिक मजबूती और बेहतर कर प्रशासन की तस्वीर भी पेश करती है.

अप्रैल से जुलाई तक SGST कलेक्शन में सबसे तेज बढ़त

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में हरियाणा ने पोस्ट-सेटलमेंट SGST कलेक्शन में देशभर में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की है. अप्रैल से जुलाई के बीच राज्य का SGST संग्रह 19,680 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 15,055 करोड़ रुपये था. इस तरह राज्य ने 31 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हासिल की, जो राष्ट्रीय औसत 17 प्रतिशत से काफी अधिक है.

जुलाई में भी बरकरार रही शानदार रफ्तार

जुलाई 2026 के आंकड़े भी हरियाणा की मजबूत आर्थिक स्थिति की पुष्टि करते हैं. इस महीने राज्य का पोस्ट-सेटलमेंट SGST कलेक्शन 5,135 करोड़ रुपये रहा, जबकि जुलाई 2025 में यह 4,027 करोड़ रुपये था. यानी एक साल में 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. तुलना करें तो इसी अवधि में राष्ट्रीय औसत वृद्धि केवल 13 प्रतिशत रही.

कुल GST संग्रह में भी हरियाणा सबसे आगे

केवल SGST ही नहीं, बल्कि कुल GST राजस्व वृद्धि के मामले में भी हरियाणा ने देश में पहला स्थान हासिल किया. जुलाई 2026 में राज्य के कुल GST संग्रह में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय औसत करीब 10 प्रतिशत रहा. यह प्रदर्शन राज्य की मजबूत आर्थिक गतिविधियों और बेहतर टैक्स प्रबंधन का संकेत माना जा रहा है.

गुरुग्राम और फरीदाबाद बने विकास की बड़ी ताकत

हरियाणा की इस सफलता के पीछे गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े कॉर्पोरेट, आईटी और सर्विस हब की महत्वपूर्ण भूमिका रही. गुरुग्राम में बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों, स्टार्टअप्स और सेवा क्षेत्र की तेजी से बढ़ती गतिविधियों ने जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय योगदान दिया. लगातार बढ़ते व्यावसायिक लेन-देन का सीधा असर राज्य के राजस्व पर दिखाई दिया.

ऑटोमोबाइल सेक्टर ने बढ़ाया राजस्व

हरियाणा लंबे समय से देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल विनिर्माण केंद्रों में शामिल रहा है. मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प जैसी बड़ी कंपनियों के उत्पादन और वाहनों की मजबूत बिक्री ने भी SGST संग्रह को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. घरेलू बाजार में मांग बढ़ने का लाभ सीधे राज्य के कर संग्रह को मिला.

रियल एस्टेट और उपभोक्ता खर्च ने दी रफ्तार

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में रियल एस्टेट गतिविधियों में तेजी, नए आवासीय प्रोजेक्ट्स की बिक्री और निर्माण कार्यों में वृद्धि से भी टैक्स कलेक्शन में बड़ा इजाफा हुआ. साथ ही राज्य में बढ़ती आय और उपभोक्ता खर्च ने रिटेल कारोबार को मजबूती दी, जिससे जीएसटी राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई.

AI और डेटा एनालिटिक्स से बढ़ी टैक्स पारदर्शिता

हरियाणा सरकार ने टैक्स चोरी रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया है. आबकारी एवं कराधान विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स की मदद से फर्जी कंपनियों, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दुरुपयोग और ई-वे बिल में गड़बड़ियों पर सख्ती से कार्रवाई की. इसका सीधा फायदा राज्य के शुद्ध कर संग्रह में देखने को मिला.

मजबूत राजस्व से विकास परियोजनाओं को मिलेगा बल

SGST राज्य सरकार के सबसे महत्वपूर्ण राजस्व स्रोतों में से एक है. इसके बढ़ने से सरकार के पास सड़क, एक्सप्रेसवे, मेट्रो विस्तार, औद्योगिक गलियारों और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे. इसके अलावा बेहतर राजस्व संग्रह राज्य को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने में भी मदद करेगा.

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