Halloween History: हर साल 31 अक्टूबर की रात को दुनिया भर में Halloween यानी डरावनी मस्ती का त्योहार मनाया जाता है. यह दिन केवल डराने-धमकाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह क्रिएटिविटी, आत्म-अभिव्यक्ति और सोशल डिजिटल एक्सप्रेशन का भी प्रतीक बन गया है.
Halloween की कहानी लगभग 2000 साल पुरानी Celtic परंपरा Samhain से जुड़ी है. उस समय लोग मानते थे कि 31 अक्टूबर की रात मृत आत्माएं पृथ्वी पर लौटती हैं, और इसी कारण घरों के बाहर अलाव जलाए जाते, मुखौटे पहनकर आत्माओं को शांत किया जाता और उनके लिए भोजन रखा जाता. जब ईसाई धर्म का प्रसार हुआ, तो 1 नवंबर को All Saints’ Day घोषित किया गया और उससे एक दिन पहले की रात को All Hallows’ Eve, यानी Halloween कहा जाने लगा.
आधुनिक Halloween, डर से क्रिएटिविटी तक
आज Halloween केवल डरावनी रात नहीं रही. यह जीवन और मृत्यु के संतुलन का प्रतीक होने के साथ-साथ अब एक ऐसा दिन बन गया है जब लोग अपने अलग रूप दिखाते हैं, कोई डरावना, कोई मज़ेदार, तो कोई पूरी तरह कल्पनाशील.
भारत में Halloween की बढ़ती लोकप्रियता
हालांकि Halloween भारत की पारंपरिक परंपरा नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया, हॉलीवुड और ग्लोबल फैशन कल्चर ने इसे युवाओं में बेहद लोकप्रिय बना दिया है. मेट्रो शहरों में अब कॉलेज, ऑफिस और कैफे Halloween थीम से सजते हैं. लोग कॉस्ट्यूम पार्टी, Trick-or-Treat और Spooky Makeup Challenges का हिस्सा बनते हैं. ब्रांड्स भी इस दिन का फायदा उठाते हुए Pumpkin Specials, Dark Glam Looks और AI Ghost Filters लॉन्च कर रहे हैं.
Gen-Z और डिजिटल Halloween
Gen-Z के लिए Halloween सिर्फ डरने का दिन नहीं बल्कि डिजिटल एक्सप्रेशन का मौका है. Instagram, Snapchat और TikTok पर #SpookySeason, #31OctVibes और #GhostFilter जैसे हैशटैग ट्रेंड करते हैं. कॉस्ट्यूम अब केवल हॉरर नहीं, बल्कि पॉप-कल्चर, एस्थेटिक और डिजिटल क्रिएटिविटी से प्रेरित होते हैं.
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