इस्लामाबाद: जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादियों के अड्डों को ध्वस्त किया, तो इस्लामाबाद ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को "आतंकवाद से पीड़ित देश" बताकर मासूम दिखाने की कोशिश की. लेकिन सच्चाई एक बार फिर दुनिया के सामने आ गई है. पाकिस्तान की धरती से आतंकवादियों की जहरीली बयानबाज़ी न केवल जारी है, बल्कि खुले मंचों पर, सैकड़ों लोगों की भीड़ में, उसे बढ़ावा भी दिया जा रहा है.
ताजा मामला लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर आमिर हमजा का है, जो हाल ही में कसूर (पाकिस्तान) में एक जनसभा में भारत विरोधी भाषण देते हुए देखा गया. मंच से उसने खुलेआम कश्मीर और पंजाब को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने और खालिस्तान की वकालत करने जैसे उकसावेभरे बयान दिए.
कश्मीर पाकिस्तान बन जाएगा- आमीर
आतंकवादी आमीर ने कहा कि "कश्मीर पाकिस्तान बन जाएगा, जम्मू पाकिस्तान बन जाएगा, भारतीय पंजाब खालिस्तान बन जाएगा...." आमीर हमजा के भाषण से साफ पता चलता है कि पाकिस्तान की कथनी और करनी में कितना फर्क है और वो कैसे आतंकवादियों का पनाहगार बना हुआ है.
कौन है आमिर हमजा?
आमिर हमजा सिर्फ एक प्रचारक नहीं, बल्कि एक प्रशिक्षित और कट्टरपंथी आतंकवादी है, जो लश्कर-ए-तैयबा में रणनीतिक और ऑपरेशनल स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, आमिर हमजा का संबंध 2005 के IISc बेंगलुरु हमले से भी जोड़ा गया है, एक घटना जिसने भारत की उच्च शिक्षण संस्थाओं को भी आतंक के निशाने पर ला दिया.
पाकिस्तान की दोहरी नीति फिर बेनकाब
आमिर हमजा जैसे आतंकी का सार्वजनिक मंच पर सक्रिय होना यह दर्शाता है कि पाकिस्तान की "आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस" की नीति केवल दिखावा है.
आतंकवाद की फंडिंग और भारत की सुरक्षा
भारत को चाहिए ठोस वैश्विक कार्रवाई
बल्कि पाकिस्तानी संस्थानों और सरकारों की भूमिका की गहन जांच की जाए, जो ऐसे लोगों को संरक्षण देते हैं.
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