Bihar Farmer News: बिहार में किसानों को तकनीक से जोड़ने और कृषि व्यवस्था को अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार ने अपनी रफ्तार तेज कर दी है. राज्य में लागू की जा रही एग्री स्टैक योजना के तहत किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करने के काम की मंगलवार को गहन समीक्षा की गई.
इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की, जिसमें उन्होंने कृषि विभाग को साफ निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री का शेष कार्य चार दिनों के भीतर मिशन मोड में पूरा किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें.
मुख्य सचिव के सख्त निर्देश, प्रशासनिक स्तर पर समन्वय पर जोर
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री का यह अभियान केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने ब्लॉक और जिला स्तर के संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए. साथ ही यह भी कहा गया कि इस पूरे कार्य की निगरानी विकास आयुक्त द्वारा की जाएगी, जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो.
फार्मर रजिस्ट्री की वर्तमान स्थिति पर अपडेट
बैठक में कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने एग्री स्टैक और फार्मर रजिस्ट्री की अब तक की प्रगति की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्य के कुल 16,664 गांवों में फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. अब तक 5,76,809 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है, जिनमें से 4,06,679 आवेदनों को ऑटो-अप्रूवल के माध्यम से स्वीकृति दी जा चुकी है. शेष किसानों के पंजीकरण को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए विभाग ने विशेष रणनीति तैयार की है.
6 से 9 जनवरी तक चलेगा विशेष अभियान
बचे हुए किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने 6 जनवरी से 9 जनवरी 2026 तक सभी जिलों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है. इस अभियान के दौरान जिला और प्रखंड स्तर पर विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसी भी किसान को पंजीकरण में कठिनाई न हो और प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा सके.
एग्री स्टैक का उद्देश्य क्या है
बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि एग्री स्टैक का मुख्य उद्देश्य किसानों को सस्ता और आसान कृषि ऋण उपलब्ध कराना है. इसके साथ ही किसानों की उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक और अन्य कृषि इनपुट्स तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी.
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार किसानों को कृषि संबंधी सलाह देने में भी मदद करेगा और उन्हें बाजारों तक बेहतर और व्यापक पहुंच दिलाने का माध्यम बनेगा. सरकार के लिए भी एग्री स्टैक एक प्रभावी टूल साबित होगा, क्योंकि इससे किसान और कृषि से जुड़ी योजनाओं की बेहतर योजना, निगरानी और क्रियान्वयन संभव हो सकेगा.
फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को क्या होगा फायदा
फार्मर रजिस्ट्री और यूनिक किसान आईडी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही किसान तक सही समय पर पहुंचे. इसमें सब्सिडी, फसल बीमा, कृषि ऋण और अन्य लाभकारी योजनाएं शामिल हैं. इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी. बैठक में राज्य के सभी जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए और अपने-अपने जिलों की स्थिति से अवगत कराया.
डिजिटल खेती की ओर बिहार का बड़ा कदम
कुल मिलाकर एग्री स्टैक और फार्मर रजिस्ट्री बिहार में कृषि क्षेत्र को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान इस पहल से वंचित न रहे और तकनीक के जरिए खेती को अधिक लाभकारी और सुरक्षित बनाया जा सके. आने वाले दिनों में यह अभियान कितना सफल होता है, इस पर पूरे राज्य की नजर रहेगी.
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