उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है. गौतमबुद्ध नगर जिले में नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के सभी स्कूलों को 17 जनवरी तक बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं. लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित असर को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है.
यह आदेश जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा, चाहे वे किसी भी बोर्ड से संबद्ध हों.
दो दिन और बढ़ाया गया स्कूलों का अवकाश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने जानकारी दी कि ठंड और गलन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियों को दो दिन और बढ़ा दिया गया है. इससे पहले जिले में 31 दिसंबर से 15 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया था, लेकिन मौसम की स्थिति में सुधार न होने के कारण इसे अब 17 जनवरी तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि सुबह के समय अत्यधिक ठंड और कोहरे के चलते छोटे बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है.
आदेश के बाद भी कुछ स्कूल खुले
हालांकि, स्कूल बंद रखने का यह आदेश सुबह जारी हुआ, जिससे कुछ अभिभावकों में नाराजगी देखी गई. कई माता-पिता का कहना है कि अचानक छुट्टी बढ़ाए जाने से उनकी दिनचर्या और बच्चों की पढ़ाई की योजना प्रभावित हुई है.
बताया जा रहा है कि आदेश जारी होने से पहले ही कुछ स्कूलों ने सुबह अपने परिसर खोल दिए थे, जिसके चलते कई बच्चे स्कूल भी पहुंच गए. बाद में अभिभावकों को सूचना मिलने पर बच्चों को वापस घर भेजा गया.
नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
इस पूरे मामले पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी स्कूल इस आदेश का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि प्रशासन के लिए बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और अभिभावकों को समय रहते जानकारी दें.
उत्तर भारत में ठंड का कहर जारी
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पूरा उत्तर भारत भीषण ठंड की चपेट में है. कई इलाकों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है और सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है. इस वजह से सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो रहा है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मौसम में छोटे बच्चों को सर्दी, खांसी और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा अधिक रहता है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है.
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